स्वतंत्र बोल
रायपुर 29 जून 2026: छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय जीवन अब डिजिटल दुनिया में नई पहचान बनाने की तैयारी में है। राज्य के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 26 से 30 जून 2026 तक पाँच दिवसीय इन्फ्लुएंसर मीट एवं फेमिलराइजेशन (फेम) टूर का आयोजन किया है। इस पहल के जरिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स प्रदेश के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को करोड़ों दर्शकों तक पहुंचाएंगे।
इस विशेष अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। यात्रा के दौरान वे प्रदेश की प्राकृतिक छटा, जनजातीय संस्कृति, लोककलाओं और पर्यटन सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव लेकर फोटो, वीडियो और डिजिटल कंटेंट तैयार कर रहे हैं, जिसे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा किया जाएगा।
फेम टूर के दौरान प्रतिभागी प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन मैनपाट, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सतरेंगा और ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले रामगढ़ महोत्सव का भ्रमण कर रहे हैं। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं को करीब से जान रहे हैं।
मैनपाट अपनी हरी-भरी वादियों, तिब्बती संस्कृति, झरनों और प्राकृतिक आकर्षणों के लिए जाना जाता है। वहीं सतरेंगा इको-टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ पर्यटन स्थल है, जहां विशाल जलाशय, शांत वातावरण और एडवेंचर गतिविधियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से इन्फ्लुएंसर्स प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और लोक परंपराओं से भी रूबरू हो रहे हैं।
यह आयोजन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा के नेतृत्व, प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के संचालन तथा उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा के निर्देशन में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन 30 जून को होगा।
पर्यटन विभाग का मानना है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर्यटन प्रचार का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस इन्फ्लुएंसर मीट के जरिए तैयार होने वाली डिजिटल सामग्री छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को देश और दुनिया के करोड़ों लोगों तक पहुंचाएगी। इससे न केवल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, हस्तशिल्प, लोककला, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस तरह के नवाचार आधारित प्रचार अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित किया जा सके।


