स्वतंत्र बोल
रायपुर 19 जून 2026 : देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार ने अभियान की रफ्तार तेज कर दी है। इसी क्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने शुक्रवार को नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीति पर व्यापक चर्चा की गई।
छत्तीसगढ़ की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तथा मुख्य सचिव विकासशील वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। इस दौरान राज्य में टीबी उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों और प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।
छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रही टीबी मुक्त गांवों की संख्या
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य के अनेक गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं तथा इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मरीजों की पहचान, उपचार और निगरानी की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया गया है, जिससे अभियान को जमीनी स्तर पर सफलता मिल रही है।
टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान और नियमित इलाज पर जोर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बैठक में कहा कि टीबी मुक्त भारत केवल स्वास्थ्य विभाग का अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा राष्ट्रीय मिशन है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं और सामूहिक प्रयासों से टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।
उन्होंने राज्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि टीबी मरीजों की समय पर पहचान, उपचार में नियमितता और हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाना बेहद जरूरी है। साथ ही मरीजों तक त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने और उपचार की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों और समाज की भागीदारी होगी अहम
जेपी नड्डा ने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जनसहभागिता आधारित मॉडल को बढ़ावा देने और जागरूकता अभियान को और मजबूत करने की बात कही।
बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर हुई इस समीक्षा बैठक को आगामी रणनीति तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


