वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई योजना फिर हुई चालू, अब सालभर पानी मिलेगा; 100 एकड़ खेतों की बदलेगी तस्वीर

स्वतंत्र बोल
रायपुर 15 जून 2026:  जशपुर जिले के एक छोटे से गांव में वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई योजना को नया जीवन मिल गया है। लंबे समय से पानी के इंतजार में बैठे किसानों के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। नहर मरम्मत का काम पूरा होने के बाद अब खेतों तक पानी पहुंचेगा और किसानों को सालभर सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत पण्डरसिली के आश्रित ग्राम गुतकिया में निष्क्रिय पड़ी सिंचाई योजना को पुनर्जीवित किया गया है।

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वर्षों बाद फिर बहा नहर में पानी

गुतकिया व्यपवर्तन योजना लंबे समय से बंद पड़ी थी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की पहल पर नहर मरम्मत का कार्य पूरा किया गया और योजना को दोबारा चालू कर दिया गया।

यह कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की भावना के अनुरूप सिंचित क्षेत्र के विस्तार और पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के पुनरोद्धार के उद्देश्य से किया गया है।

मनरेगा से मिली ताकत

नहर मरम्मत कार्य के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 11 लाख 98 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी। निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कर योजना को फिर से किसानों के लिए उपयोगी बना दिया गया।

100 एकड़ खेतों को मिलेगा सीधा फायदा

नहर के पुनर्जीवित होने से गुतकिया और आसपास के क्षेत्रों की करीब 100 एकड़ कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को केवल खरीफ सीजन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि वे रबी फसलों की भी खेती कर सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधा बढ़ने से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

धान के साथ अन्य फसलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा

कृषि विभाग किसानों को धान के अलावा अन्य लाभकारी फसलों की खेती के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

आदिवासी किसानों के लिए बड़ी राहत

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के आदिवासी किसानों को मिलेगा। सिंचाई सुविधा मजबूत होने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

गांव के किसानों और ग्रामीणों में नहर मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद उत्साह का माहौल है। उनका मानना है कि वर्षों से बंद पड़ी योजना का फिर से शुरू होना क्षेत्र में कृषि विकास, जल प्रबंधन और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक बड़ा बदलाव साबित होगा।