स्वतंत्र बोल
रायपुर 15 जून 2026: बदलते डिजिटल दौर में अब गांवों की महिलाएं भी अपने उत्पादों को स्थानीय हाट-बाजार तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। इसी सोच को नई दिशा देने के लिए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आयोजित डिजिटल साक्षरता कार्यशाला महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार बनकर सामने आई। कार्यशाला में महिला उद्यमियों को बताया गया कि कैसे मोबाइल और इंटरनेट की मदद से उनका कारोबार प्रदेश ही नहीं, देशभर के बाजारों तक पहुंच सकता है।
नवा बिहान क्लस्टर में आयोजित इस विशेष कार्यशाला का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और महिला संचालित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आधुनिक विपणन तकनीकों से जोड़ना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन मार्केटिंग, ब्रांड निर्माण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पाद बेचने की व्यवहारिक जानकारी दी गई।
ब्रांडिंग से लेकर ऑनलाइन बिक्री तक की मिली जानकारी
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिलाओं को बताया कि किसी भी उत्पाद की सफलता केवल उसकी गुणवत्ता पर नहीं, बल्कि उसकी पहचान और प्रस्तुति पर भी निर्भर करती है। प्रतिभागियों को आकर्षक पैकेजिंग, लेबलिंग, गुणवत्ता प्रमाणन, ऑनलाइन विक्रय मंचों और बाजार से जुड़ने की प्रभावी रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने यह भी समझाया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही उपयोग कर छोटे व्यवसाय भी बड़े बाजारों में अपनी पहचान बना सकते हैं।
महिला उद्यमिता सामाजिक बदलाव की भी ताकत
कार्यक्रम में मौजूद वसुंधरा यादव ने कहा कि महिला उद्यमिता केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव भी है। उन्होंने महिलाओं को तकनीकी ज्ञान अपनाने और आधुनिक व्यापारिक तरीकों का उपयोग कर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित किया।
सफल महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यशाला के दौरान सफल महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे उन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत कर अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाया। प्रतिभागियों को ग्राहक नेटवर्क विकसित करने, सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों के उपयोग तथा व्यवसाय विस्तार की रणनीतियों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
इसके साथ ही सरकारी सहायता, अनुदान योजनाओं और विपणन सहयोग कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई, ताकि महिलाएं उपलब्ध संसाधनों का लाभ उठाकर अपने उद्यमों को और मजबूत बना सकें।
30 महिला उद्यमियों ने लिया प्रशिक्षण
जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई करीब 30 महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की प्रतिनिधियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया। प्रतिभागियों ने इसे बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। उनका मानना है कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें स्थानीय बाजारों की सीमाओं से बाहर निकालकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में मदद करेंगे।
इस पहल को महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां तकनीक अब महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रही है।


