पीएम मोदी के काफिले से पहले मिला ‘मौत का सामान’! बेंगलुरु में सुरक्षा में बड़ी चूक, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली  25 मई 2026:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आने के बाद कर्नाटक पुलिस में हड़कंप मच गया है। बेंगलुरु दौरे के दौरान पीएम मोदी के रास्ते में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने के मामले में अब 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के 15 दिन बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं।

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जानकारी के मुताबिक, 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु पहुंचे थे। वह ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था के 45 साल पूरे होने और उसके संस्थापक के जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। इसी दौरान कनकपुरा रोड के पास जंगल से सटी एक कच्ची सड़क पर संदिग्ध सामग्री मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई।

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बताया गया कि पीएम के दौरे से करीब डेढ़ घंटे पहले सड़क किनारे से जिलेटिन की 2 छड़ें, बैटरी पैक, तार, सर्किट बोर्ड जैसी वस्तुएं, माचिस, अगरबत्तियां और सेलोफेन टेप बरामद किए गए। यह जगह प्रधानमंत्री के रूट से बेहद करीब थी, जिससे पूरे मामले को बेहद गंभीर माना गया।

घटना के बाद बेंगलुरु दक्षिण जिले के पुलिस अधीक्षक आर श्रीनिवास गौड़ा ने कार्रवाई करते हुए एक PSI, एक ASI और 4 कांस्टेबल को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया। जांच पूरी होने तक इन सभी को निलंबित रखा जाएगा।

इस मामले में कग्गलीपुरा पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि इतनी संवेदनशील जगह पर विस्फोटक सामग्री पहुंची कैसे और किसने रखी।

चौंकाने वाली बात यह भी है कि घटना के 15 दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस किसी संदिग्ध की पहचान तक नहीं कर सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम भी दिल्ली से बेंगलुरु पहुंची थी, लेकिन अब तक जांच में कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है।

इस सुरक्षा चूक ने एक बार फिर वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष भी अब इस मामले को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर निशाना साध रहा है।