खरीफ से पहले कलेक्टर का बड़ा अलर्ट…खाद की कालाबाजारी हुई तो होगी सीधी कार्रवाई

स्वतंत्र बोल
महासमुंद, 19 मई 2026: खरीफ सीजन से पहले महासमुंद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर Vinay Kumar Langeh ने समय-सीमा की बैठक में साफ चेतावनी दी कि खाद की कालाबाजारी या वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिली तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए।

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बैठक में खरीफ सीजन के लिए किसानों को खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था सबसे बड़ा मुद्दा रहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए और पीओएस मशीन के जरिए ही वितरण सुनिश्चित किया जाए। शासन के निर्देशानुसार यूरिया का 80 प्रतिशत और डीएपी का 60 प्रतिशत वितरण किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को डीएपी के विकल्पों की भी जानकारी दी जाए और किसी को जबरन नैनो यूरिया लेने के लिए बाध्य न किया जाए।

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कलेक्टर ने सभी एसडीएम को खाद दुकानों की लगातार निगरानी करने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक ही कार्यक्रम में जाने के लिए अलग-अलग वाहनों की जगह साझा वाहन का इस्तेमाल किया जाए और ईंधन की बचत सुनिश्चित की जाए।

सुशासन तिहार के तहत मिले आवेदनों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि अब तक 21 शिविरों में 15 हजार 578 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 हजार 216 का निराकरण किया जा चुका है। बाकी मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।

आगामी बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने तीन महीने का राशन अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित आवासों को तत्काल शुरू कराने और हितग्राहियों को अंतिम अवसर देने की बात कही गई।

बैठक में “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के तहत जल संरक्षण को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, तालाब और जल संरचनाएं बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को जनभागीदारी बढ़ाने और अभियान को मिशन मोड में चलाने को कहा गया। जानकारी के अनुसार अब तक 73 हजार जल संरचनाओं का निर्माण हो चुका है।

इसके अलावा अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर ने संयुक्त टीम को लगातार निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में अवैध रेत कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।