दो पैरों ने छोड़ दिया था साथ…अब मोटराइज्ड ट्रायसायकल बनी बुद्ध सिंह की नई ताकत

रायपुर/कोंडागांव। जिंदगी की राह तब और मुश्किल हो जाती है, जब अपने ही पैर साथ छोड़ दें। कोंडागांव के रहने वाले बुद्ध सिंह सेठिया भी लंबे समय से इसी दर्द से गुजर रहे थे। बीमारी के कारण दोनों पैर दिव्यांग हो जाने से उनका घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था। लेकिन अब शासन की मदद से उनकी जिंदगी में राहत की नई उम्मीद लौट आई है।

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ग्राम पंचायत बड़े राजपुर निवासी Buddh Singh Sethia को समाज कल्याण विभाग द्वारा मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई है। जिला कार्यालय कोंडागांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई गई।

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बुद्ध सिंह ने बताया कि बीमारी के बाद उनके दोनों पैर प्रभावित हो गए थे, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों और जरूरी गतिविधियों के लिए आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। कई बार छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था।

अब मोटराइज्ड ट्रायसायकल मिलने के बाद उनका आवागमन काफी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे वे अपने दैनिक कार्य खुद कर सकेंगे और पहले की तुलना में ज्यादा आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं।

बुद्ध सिंह सेठिया ने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके लिए किसी नई जिंदगी से कम नहीं है। शासन की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।