स्वतंत्र बोल
दुर्ग, 14 मई 2026: नाम बदलवाने के लिए सरकारी दफ्तरों और दलालों के चक्कर काटने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। यानी अब लोगों को फाइल लेकर इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के जरिए आवेदन कर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रशासन की ओर से गजट प्रकाशन सेवा के लिए 29 दिनों की समय सीमा भी तय कर दी गई है, ताकि आवेदकों को लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े। इसके लिए लोक सेवा केंद्र और सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक आवेदक को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ लोक सेवा केंद्र या सामान्य सेवा केंद्र पहुंचना होगा। आवेदन के दौरान 430 रुपए का चालान, जो भारतीय स्टेट बैंक की किसी भी शाखा में जमा किया जाएगा, अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित नाम परिवर्तन सूचना की मूल प्रति भी देनी होगी, जो तीन महीने से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ दो गवाहों के नाम, हस्ताक्षर और पते सहित विलेख प्ररूप, 50 रुपए के नॉन जूडिशियल स्टाम्प पर नोटराइज्ड शपथ पत्र और सभी पहचान संबंधी दस्तावेज भी जमा करने होंगे।
ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद संबंधित तहसीलदार के पोर्टल पर फाइल भेजी जाएगी और आवेदक को एक एआरएन नंबर मिलेगा। इसी नंबर के जरिए पूरे आवेदन की ट्रैकिंग की जा सकेगी।
तहसीलदार द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद आवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के पास भेजा जाएगा। वहां से सत्यापन होने के बाद आवेदन शासकीय मुद्रणालय पोर्टल तक पहुंचेगा, जहां अंतिम जांच के बाद राजपत्र में नाम परिवर्तन की अधिसूचना प्रकाशित की जाएगी।
राजपत्र में प्रकाशन होने के बाद उसकी सॉफ्ट कॉपी आवेदक के एआरएन नंबर पर अपलोड कर दी जाएगी। साथ ही इसे छत्तीसगढ़ शासन की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकेगा।
प्रशासन ने प्रक्रिया में देरी रोकने के लिए हर स्तर पर समय सीमा तय की है। तहसीलदार और एसडीएम स्तर पर 7-7 कार्य दिवस में प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जबकि शासकीय मुद्रणालय में 15 कार्य दिवस के भीतर अंतिम कार्रवाई पूरी की जाएगी।


