स्वतंत्र बोल
बालोद,14 मई 2026: दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। गहरे गड्ढे में काम कर रहे मजदूरों पर अचानक मिट्टी धंस गई और देखते ही देखते तीनों जिंदा दफन हो गए। इस घटना के बाद अब बड़ी कार्रवाई करते हुए बीएसपी के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह हादसा 12 मई को दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र के फुटबॉल ग्राउंड स्थित दास पान ठेला के सामने हुआ था। यहां बीएसपी की सीवरेज पाइपलाइन विस्तार परियोजना के तहत खुदाई का काम चल रहा था। जेसीबी और चेन माउंट मशीन से खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
हादसे में किशुन कुमार (54), राकेश कुमार (28) और बैशाखिन (50) की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के गहरे गड्ढे में उतार दिया गया था। न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी और न ही मिट्टी धंसने से बचाव के जरूरी उपाय किए गए थे। इसी लापरवाही को हादसे की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
घटना के बाद मृतक मजदूरों के परिजनों ने बीएसपी अस्पताल के सामने जमकर प्रदर्शन किया था। परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। बढ़ते दबाव और गंभीर आरोपों के बाद बीएसपी प्रबंधन ने डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम सिविल रमेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। हादसे के बाद पूरे इलाके में गुस्से और दुख का माहौल बना हुआ है।


