खेतों में छिपाकर उगाया जा रहा था ‘नशे का जाल’! पुलिस पहुंची तो फसलों के बीच दिखे गांजे के पौधे, VIDEO ने खोली पूरी पोल

स्वतंत्र बोल
मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी ,10 मई 2026
: छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेतों के बीच छिपाकर उगाई जा रही गांजे की खेती का पर्दाफाश हुआ। पुलिस की छापेमार कार्रवाई में फसलों के बीच लहरा रहे गांजे के पौधे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

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मामला खड़गवां थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मंगोरा का है, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खेतों में चोरी-छिपे गांजे की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में दबिश दी और मौके पर पहुंचकर जो देखा, उसने सबको चौंका दिया।

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पुलिस ने खेतों के बीच से गांजे के 36 पौधे बरामद किए हैं। आरोप है कि इन पौधों को इस तरह लगाया गया था ताकि दूर से देखने पर किसी को शक न हो। लेकिन मुखबिर की सटीक सूचना ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सर्वजीत नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

इस पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि गांजे के पौधों को दूसरे पौधों के बीच छिपाकर उगाया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है NDPS एक्ट?
NDPS यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 भारत में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार, खेती, भंडारण और बिक्री को रोकने के लिए बनाया गया सख्त कानून है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर 10 से 20 साल तक की कठोर सजा और लाखों रुपये का जुर्माना हो सकता है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गांवों में खेती की आड़ में नशे का यह कारोबार तेजी से फैल रहा है? क्योंकि जिस तरह खेतों के बीच गांजे के पौधे मिले हैं, उसने इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।