मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हजारों लोगों के बीच सात फेरों के साथ शुरू हुई नई जिंदगी, पूरे प्रदेश में 2188 जोड़े बंधे विवाह सूत्र में

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रायपुर, 08 मई 2026: अंबिकापुर का राजमोहनी भवन शुक्रवार को उस वक्त भावनाओं, खुशियों और पारंपरिक रस्मों का केंद्र बन गया, जब एक साथ 43 जोड़ों ने सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। वैदिक मंत्रोच्चार, मंगल गीत और परिवारों की मौजूदगी के बीच आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह लोगों के लिए यादगार बन गया।

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित इस भव्य समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह योजना सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आर्थिक तंगी किसी भी परिवार की खुशियों में बाधा न बने।

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समारोह के दौरान राजमोहनी भवन पूरी तरह पारंपरिक माहौल में रंगा नजर आया। वरमाला, सिंदूरदान और फेरों की रस्में पूरे रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुईं। बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने नवदम्पत्तियों का उत्साह बढ़ाया।

सरकार की ओर से योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की प्रत्यक्ष सहायता दी गई। साथ ही नए गृहस्थ जीवन की शुरुआत के लिए जरूरी घरेलू सामग्री भी भेंट की गई। बताया गया कि सिर्फ अंबिकापुर ही नहीं, बल्कि 8 मई को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कुल 2188 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, जिसने इस योजना की व्यापकता को और मजबूत किया।

समारोह का सबसे भावुक पल विदाई के दौरान देखने को मिला। कई परिवारों की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने कहा कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक बोझ से राहत दी और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने का अवसर दिया।

मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी नवविवाहित जोड़ों के सुखद और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए कहा कि सामूहिक विवाह समाज में फिजूलखर्ची और दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करने की दिशा में मजबूत संदेश दे रहा है।