सालों तक दफ्तरों के चक्कर काटता रहा युवक… फिर गांव में लगे शिविर में मिनटों में हो गया बड़ा काम

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 08 मई 2026:जिस काम के लिए कभी जिला मुख्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, वही काम अब गांव में लगे शिविर में कुछ ही मिनटों में हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की “सुशासन तिहार 2026” पहल ग्रामीणों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनती दिखाई दे रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम सुंदरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।

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अचानकपुर भाटापारा निवासी लीलाधर देवांगन लंबे समय से अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाना चाहते थे। लेकिन दफ्तरों की दूरी, प्रक्रिया की सही जानकारी न होना और भागदौड़ के डर से उनका काम लगातार अधूरा रह जाता था। कई बार कोशिश के बाद भी लाइसेंस नहीं बन पाया।

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फिर गांव में लगे सुशासन तिहार शिविर ने उनकी परेशानी खत्म कर दी। परिवहन विभाग के स्टॉल पर पहुंचते ही उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई गई, दस्तावेजों की जांच हुई और कुछ ही देर में उनका निःशुल्क लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। अचानक हुए इस समाधान से लीलाधर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

उन्होंने बताया कि पहले छोटे-छोटे कामों के लिए भी जिला मुख्यालय जाना पड़ता था, जिसमें समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। लेकिन अब गांव में ही अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं और मौके पर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

सुशासन तिहार के तहत गांव-गांव में लगाए जा रहे शिविरों में भूमि, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इसका उद्देश्य प्रशासन को पारदर्शी और आम लोगों के लिए सुलभ बनाना है।

लीलाधर देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पहल वास्तव में ग्रामीणों के लिए राहत का त्योहार बन गई है। ग्राम सुंदरा का यह शिविर अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां लोगों को पहली बार महसूस हो रहा है कि सरकारी व्यवस्था उनके दरवाजे तक पहुंच रही है।