8 मई को छत्तीसगढ़ में एक साथ बजेंगी हजारों शहनाइयां… 2300 से ज्यादा जोड़ों की बदलेगी किस्मत, सरकार ने कर दी पूरी तैयारी

स्वतंत्र बोल
रायपुर,08 मई 2026:
 छत्तीसगढ़ में 8 मई का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में एक साथ शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी, जब 2300 से अधिक जोड़े मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस विशाल सामूहिक विवाह आयोजन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम सिर्फ विवाह समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का बड़ा संदेश माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध समेत विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े भी अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करेंगे। एक ही मंच पर अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं का यह संगम पूरे प्रदेश को एक नई पहचान देने वाला है।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों की शादी सबसे बड़ी चिंता होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हजारों परिवारों की इस चिंता को सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। उन्होंने इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशील शासन पहुंचाने का उदाहरण बताया।

इससे पहले 10 फरवरी 2026 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह समारोह ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। उस कार्यक्रम में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। मुख्यमंत्री ने स्वयं 1316 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया था, जबकि बाकी जोड़े वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए थे। यही आयोजन बाद में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुआ था।

सरकार की ओर से हर नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत बिना किसी आर्थिक दबाव के कर सकें। इसके अलावा विवाह से जुड़ी जरूरी सामग्री, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभागीय टीमें लगातार तैयारियों में जुटी हुई हैं। आयोजन स्थलों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और हर जिले में प्रशासनिक अमला यह सुनिश्चित करने में लगा है कि किसी भी जोड़े या उनके परिवार को किसी तरह की परेशानी न हो।

8 मई को होने वाला यह सामूहिक विवाह समारोह अब सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विविधता और बदलती सोच का सबसे बड़ा उत्सव बनता दिखाई दे रहा है।