स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली,08 मई 2026: राजधानी दिल्ली में एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश होने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित शहजाद भट्टी मॉड्यूल के 9 संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार बरामद किए गए हैं और पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस मॉड्यूल का मुख्य निशाना दिल्ली का एक ऐतिहासिक मंदिर था। आरोप है कि एक आरोपी ने मंदिर की रेकी कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की तस्वीरें और जानकारी पाकिस्तान में बैठे सोशल मीडिया हैंडलर्स तक पहुंचाई थी।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक मशहूर ढाबे को भी निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। यहां हैंड ग्रेनेड से हमला करने की योजना बनाई गई थी, जहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
इतना ही नहीं, हिसार स्थित एक सैन्य कैंप की भी रेकी किए जाने का खुलासा हुआ है। आरोपियों ने कथित तौर पर वहां का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तर प्रदेश के कुछ पुलिस स्टेशन और वहां तैनात पुलिसकर्मी भी मॉड्यूल के रडार पर थे।
यह पूरी कार्रवाई दिल्ली पुलिस के ‘Gang Bust 2.0’ ऑपरेशन के तहत की गई। गुरुवार को शुरू हुए इस बड़े अभियान में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई। 48 घंटे तक चले ऑपरेशन में 12 से ज्यादा आपराधिक गिरोहों के 1014 ठिकानों पर दबिश दी गई।
पुलिस ने इस दौरान 481 अपराधियों को गिरफ्तार किया। साथ ही 130 पिस्टल, 214 कारतूस, 79 चाकू, करीब 19 किलो अवैध ड्रग्स, 1234 क्वार्टर अवैध शराब, 24 वाहन और लगभग 19 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
स्पेशल सेल अब इस बात की जांच में जुटी है कि शहजाद भट्टी मॉड्यूल का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां ISI से जुड़े दूसरे संभावित नेटवर्क की भी तलाश कर रही हैं, ताकि किसी बड़े हमले को समय रहते रोका जा सके।


