WhatsApp पर आया सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी आदेश से रचा खौफनाक खेल… 34 लोगों से डेढ़ करोड़ की ठगी का पर्दाफाश

स्वतंत्र बोल
रायपुर 05 मई 2026:  सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लोगों को ठगने का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो आरोपियों ने मिलकर ऐसा जाल बिछाया कि 34 लोग उनकी ठगी का शिकार हो गए। इस पूरे खेल में फर्जी नियुक्ति पत्र, डिजिटल सिग्नेचर और व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए।

ad

रायपुर ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजेश शर्मा, जो कि एक सरकारी शिक्षक है, और मनोज कुमार श्रीवास्तव, जो एक प्राइवेट स्कूल में क्लर्क है, शामिल हैं। दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से इस ठगी को अंजाम दिया।

youtube

मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी राजपाल बघेल ने 24 अप्रैल को राखी थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, 5 मार्च को सामान्य प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के नाम से एक फर्जी आदेश तैयार किया गया, जिसमें परिवहन, राजस्व, वन, पंचायत और शिक्षा विभाग में भर्ती की अनुशंसा दिखाई गई थी। इस आदेश को व्हाट्सएप के जरिए तेजी से फैलाया गया।

चौंकाने वाली बात यह थी कि इस फर्जी दस्तावेज में सचिव और उप सचिव के डिजिटल हस्ताक्षरों का भी दुरुपयोग किया गया, जिससे यह पूरी तरह असली प्रतीत हो रहा था। इसी के जरिए आरोपियों ने लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूली।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान फर्जी आदेश के स्रोत का पता लगाते हुए मुख्य आरोपी राजेश शर्मा उर्फ राजू की पहचान की गई, जिसकी लोकेशन डोंगरगढ़ में मिली। टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया।

पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने कर्ज चुकाने के लिए यह साजिश रची थी और अपने साथी मनोज को भी इसमें शामिल किया। दोनों ने कंप्यूटर की मदद से फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किए और व्हाट्सएप के जरिए उन्हें फैलाकर लोगों को ठगते रहे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने भिलाई की एक महिला से 1.90 लाख रुपये लिए थे, जिसे बाद में वापस कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद उन्होंने फर्जी आदेश का प्रसार रोक दिया था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त कर लिया है और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर फैल रहे ऐसे फर्जीवाड़े से सतर्क रहना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक क्लिक और एक मैसेज किसी की जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकता है।