स्वतंत्र बोल
रायगढ़,20 अप्रैल 2026:। एक साधारण दिखने वाली कार, सुनसान सड़क और भीतर छिपा ऐसा राज, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। जिले में चलाए जा रहे “आघात” अभियान के तहत तमनार पुलिस और साइबर टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
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मामला उस वक्त सामने आया, जब सीमावर्ती इलाके में सक्रिय मुखबिरों ने पुलिस को सूचना दी कि ओडिशा की ओर से एक सफेद रंग की कार में भारी मात्रा में गांजा भरकर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए धौराभांठा मेन रोड पर नाकेबंदी कर दी और हर आने-जाने वाले वाहन पर नजर रखनी शुरू कर दी।
कुछ ही देर में संदिग्ध नंबर की कार दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोका और जांच शुरू की। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा, लेकिन जैसे ही डिक्की खोली गई, वहां जो मिला उसने पूरे मामले का रुख बदल दिया। डिक्की में 9 पैकेटों में भरा गांजा रखा हुआ था।
तलाशी के दौरान कुल 60 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 15 लाख 14 हजार 750 रुपए आंकी गई। इसके साथ ही आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और तस्करी में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की गई। कुल मिलाकर करीब 20 लाख 24 हजार 750 रुपए की संपत्ति पुलिस ने कब्जे में ली है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान के रूप में हुई है, जो तमनार क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे ओडिशा के कमल मेहर के संपर्क में थे और उसी के कहने पर गांजा लाकर अवैध बिक्री के लिए परिवहन कर रहे थे। फिलहाल कमल मेहर फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में तमनार थाना और साइबर टीम की संयुक्त भूमिका रही, जिन्होंने समय रहते इस ‘खामोश जहर’ को शहर में फैलने से रोक दिया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक खेप थी, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
