इंजेक्शन, बुखार या कुछ और… हर घंटे बदल रही कहानी, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही खोलेगी पूरा सच

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर,26 अप्रैल 2026:
बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में एक मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामला जितना सीधा नजर आ रहा था, उतना ही उलझता जा रहा है, क्योंकि बच्ची के परिजन बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं, जिससे कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना तखतपुर के जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम अमलिकापा की है। बुधवार शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच परिजन बच्ची को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लीदरी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात परिजनों के बदलते बयान हैं। शुरुआत में उन्होंने दावा किया कि बच्ची को एक निजी क्लीनिक में दिखाया गया था, जहां इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गई। लेकिन पुलिस पूछताछ में यही बयान बदल गया और परिजनों ने कहा कि बच्ची का कहीं भी इलाज नहीं कराया गया था।

वहीं जिस निजी क्लीनिक का जिक्र किया गया था, वहां के डॉक्टर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची को दोपहर करीब 3:30 बजे तेज बुखार—करीब 108 डिग्री—की हालत में लाया गया था। उन्होंने केवल स्पंजिंग कर बच्ची को घर भेज दिया था और न तो कोई रजिस्ट्रेशन हुआ, न ही कोई दवा या इंजेक्शन दिया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर राज किरण शर्मा के अनुसार, बच्ची को जब अस्पताल लाया गया, तब वह “ब्रॉट डेड” थी। मामला संदिग्ध लगने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवाया गया।

इस पूरे मामले में अब पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी हुई है। थाना प्रभारी विवेक पाण्डेय ने बताया कि पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में सभी बयानों और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।

फिलहाल इस रहस्यमयी मौत ने कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या यह महज बीमारी से हुई मौत है, या इसके पीछे कोई छिपा सच है? जवाब अब सिर्फ पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पास है।