स्वतंत्र बोल अप्रैल
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 21 अप्रैल 2026: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही जनपद पंचायत में वित्तीय अनियमितता और कथित भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि सर्व शिक्षा अभियान समग्र के खाते से लाखों रुपये का लेनदेन नियमों के विपरीत तरीके से किया गया।
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जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत मरवाही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी स्तर से सर्व शिक्षा अभियान समग्र मद के खाते से बड़े पैमाने पर राशि का आहरण किया गया। जबकि इस खाते के संचालन को लेकर स्पष्ट नियम हैं कि किसी भी प्रकार का भुगतान संयुक्त हस्ताक्षर प्रणाली के बिना संभव नहीं है।
शासन की ओर से पहले ही आदेश जारी किए गए थे कि इस योजना के अंतर्गत बची हुई राशि को वापस किया जाए, लेकिन आरोप है कि आदेशों का पालन करने के बजाय उसी खाते से लगातार खर्च किया जाता रहा।
नियमों के अनुसार इस खाते का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी और विकासखंड स्त्रोत समन्वयक के संयुक्त हस्ताक्षर से होना अनिवार्य है, लेकिन सामने आए दस्तावेजों में बिना आवश्यक प्रक्रिया के लेनदेन किए जाने के संकेत मिले हैं, जिससे प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका भी उठ रही है।
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2024 के बीच खाते से लगभग 99 लाख रुपये से अधिक की राशि डेबिट किए जाने का उल्लेख है। वहीं 27 मई 2024 से 12 जून 2025 के बीच भी 12 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन दर्ज किया गया है।
आरोप यह भी हैं कि इस राशि का उपयोग योजना से जुड़े कार्यों की बजाय पेट्रोल पंप, टूर एंड ट्रैवल्स और कुछ व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर के लिए किया गया। यदि ये तथ्य जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला बन सकता है।
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि सर्व शिक्षा अभियान समग्र का खाता संयुक्त संचालन प्रणाली के तहत ही चलता है और मदवार राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अप्रयुक्त राशि को शासन के निर्देशानुसार सरेंडर किया जाना था और यदि ऐसा नहीं हुआ है तो इसकी जांच की जाएगी।
वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने कहा है कि मामले की जानकारी मीडिया से मिली है और संबंधित विभाग से रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि नियमों के खिलाफ लेनदेन पाया गया तो आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरा मामला जांच के दायरे में है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि सरकारी आदेशों और बैंकिंग नियमों के बावजूद यह कथित वित्तीय खेल आखिर किस स्तर पर और कैसे चलता रहा, और क्या आने वाले दिनों में इस पर बड़ा प्रशासनिक खुलासा सामने आएगा।
