बस एक गोल और टूट गया सपना! फाइनल में छत्तीसगढ़ की आखिरी जंग हार में बदली, मैदान पर छा गया सन्नाटा


स्वतंत्र बोल
 रायपुर 03 अप्रैल 2026: में खेले गए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत पुरुष फुटबॉल का फाइनल मुकाबला रोमांच, तनाव और उम्मीदों से भरा रहा, लेकिन अंत में छत्तीसगढ़ के हाथ निराशा लगी। स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम, कोटा में हुए इस हाई वोल्टेज मुकाबले में पश्चिम बंगाल ने 1-0 से जीत दर्ज कर छत्तीसगढ़ का स्वर्ण पदक जीतने का सपना तोड़ दिया।

मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। छत्तीसगढ़ की टीम ने बेहतरीन तालमेल, आक्रामक रणनीति और मजबूत डिफेंस के दम पर मुकाबले को पूरी तरह संतुलित बनाए रखा। हर मूव में जीत की भूख साफ नजर आ रही थी, जिससे दर्शक भी सीटों से बंधे रहे।

हालांकि, हॉफ टाइम तक पश्चिम बंगाल ने 1-0 की बढ़त बना ली थी, जो अंत तक कायम रही। दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ ने लगातार हमले किए, गोल करने के कई मौके बनाए, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। हर असफल प्रयास के साथ मैदान का तनाव और बढ़ता गया।

मैदान में मौजूद दर्शकों की सांसें थम सी गई थीं, क्योंकि आखिरी मिनटों तक छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी बराबरी की कोशिश में जुटे रहे। लेकिन निर्णायक गोल नहीं हो सका और अंततः टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इस मुकाबले को देखने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी, भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद थे।

यह हार भले ही छत्तीसगढ़ के लिए एक झटका हो, लेकिन टीम के जज्बे, संघर्ष और प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया कि आने वाले समय में यह टीम और भी बड़ी जीत के लिए तैयार है।