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रायपुर 7 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ राज्य को बने 25 वर्ष पूर्ण हुए, जिसको रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिसको लेकर कल छत्तीसगढ़ विधानसभा में पत्रकारों के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कल के कार्यक्रम का संबोधन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि-प्रदेश विधान सभा ने 25 वर्षां की गौरवमयी यात्रा पूरी की और लोकतान्त्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया।
उन्होंने कहा कि-यह कार्यशाला पत्रकारों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इसके माध्यम से विधान सभा की गतिविधियॉ प्रभावी रूप से जनता तक पहुचेगी। उन्होंने कहा कि-छत्तीसगढ़ विधान सभा में उत्कृष्ट मीडिया प्रतिनिधियों को ‘‘संसदीय रिपोर्टिंग पुरस्कार’’ भी दिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि-संसदीय रिपोर्टिंग का कार्य अत्यंत उत्तरदायित्वपूर्ण है इसलिए पत्रकारों को विधानसभा में हंगामा के समय इसके सकारात्मक पहलू एवं महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा को भी प्रमुखता से स्थान दें।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि- संसदीय रिपोर्टिंग के व्यवहारिक पहलूओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उसमें खुलापन लाया जाना चाहिए जिससे जनता अपने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही से परिचित हो सके।
https://youtu.be/Vs7cgmxa00U?si=US4QJd3svRt1Vt2U
कार्यक्रम के विषय पर प्रकाश डालते हुए विधान सभा के सचिव दिनेश शर्मा ने कहा कि संसदीय रिपोर्टिंग में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रजातंत्र की इस सर्वोच्च सार्वभौम संस्था की गरिमा एवं सम्मान को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे और जनसामान्य को सभा की कार्यवाही का वैसा ही वृतांत प्राप्त हो जैसा सभा के अन्दर संपादित हुआ है । उन्होंने छत्तीसगढ़ विधान सभा की गौरवशाली उपलब्धियों की जानकारी भी प्रस्तुत की ।
कार्यशाला के समापन सत्र में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, सांसद, राज्यसभा ने व्यवहारिक पहलुओं पर केन्द्रित करते हुए संसदीय रिपोर्टिं रिपोर्टिंग के संबंध में सारगर्भित जानकारी रोचक शैली में प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि-पहले छत्तीसगढ़ राज्य समस्याओं का गढ़ माना जाता था लेकिन आज छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में विकास के नये सोपान तय कर लिये हैं । उन्होंने कहा कि-आज सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण होने के कारण पत्रकारों का काम अत्यंत जटिल हो गया है। चूंकि जनता को सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण से सूचना और जानकारी तो मिल जाती है लेकिन आम जनता उस चर्चा एवं घटनाक्रम का विश्लेशण भी चाहती है । उस चर्चा का इतिहास एवं पृष्ठभूमि भी चाहती है । उन्होंने कहा कि-संसद का कानून मानना हर विधान मंडल की बाध्यता है । लेकिन कुछ राज्यों की विधान सभाऐं अपनी कार्यवाही स्वयं के तरीके से करती है, ऐसी स्थिति में संसदीय पत्रकारों के लिए रिपोर्टिंग का काम थोड़ा जटिल हो जाता है । उन्होंने कहा कि-जब कहीं तेजी से विकास होता है तो कुछ लोग उसे रोकने का प्रयास भी करते हैं लेकिन इसके पश्चात भी हमोर देश नें विश्व गुरू बनकर अपनी उत्तरोत्तर स्वीकार्यता का प्रमाण प्रस्तुत किया है ।
इस अवसर पर दोनो प्रमुख वक्ताओं डॉ. संजय द्विवेदी, पूर्व निदेशक, भारतीय जन संचार संस्थान एवं प्रोफेसर माखन लाल चतुर्वेदी, राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्व विद्यालय, भोपाल एवं डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, सांसद, राज्यसभा का शाल, श्रीफल से सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में संसदीय कार्यमंत्री श्री केदार कश्यप ने सभी मान. अतिथियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया।
https://youtu.be/S1P3Ztmu6KY?si=-_xk5gQWfb-Q4-3K



