डीएपी की कमी से चिंतित सरकार, सीएम ने अधिकारियो को दिया सख्त निर्देश..

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 7 जुलाई 2025: सीएम विष्णु देव साय की सरकार किसान हितैषी सरकार है। राज्य शासन द्वारा किसानों के हित लाभ के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। सीएम साय ने सभी जिला कलेक्टरों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किए है कि किसी भी जिले में किसानों के लिए खाद, बीज की कमी न हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि समय पर इनकी उपलब्धता किसानों को सुनिश्वित हो। सुदूर वनांचल के सुकमा जिले में भी खाद, बीज की पर्याप्त उपलब्धता के चलते अब किसानों को कोई भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। मानसून के दस्तक देते ही किसान अपनी खेती-किसानी में जूट जाते है साथ ही उसका पूरा परिवार भी इस कार्य से जुड़कर प्रकृति को संवारने लग जाते हैं।

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खरीफ सत्र 2025-26 में अधिक से अधिक कृषकों को योजना का लाभ पहुँचाने का प्रयास जारी है। कृषि विभाग द्वारा कृषकों की आवश्यकताओं के अनुसार बीज का भंडारण किया गया है। जिला विपणन अधिकारी द्वारा खाद की आपूर्ति की जा रही है। जिसका वितरण समितियों (लेम्पस) के द्वारा किया जा रहा है। जिले में 755.645 टन युरिया, 375.950 टन डीएपी, 513.220 टन एनपीके एवम 201.650 पोटाश का वितरण कृषकों को किया गया है। जिले में 2905.50 क्विंटल भण्डारित बीजों में से 2253.90 क्विंटल बीज 3965 कृषकों को वितरण किया गया है। जिले में पर्याप्त मात्र में खाद बीज उपलब्ध हैं। किसानों की माँग के अनुसार किसानों को खाद, बीज उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य शासन के निर्देशानुसार खाद वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और सुविधाजनक बनाया गया है, जिससे कोई भी किसान वंचित न हो।

सुकमा जिले में भी कलेक्टर के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी किसानों के लिए समय रहते खाद और बीज के पर्याप्त भंडारण और वितरण के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। समितियों पर किसान बिना किसी परेशानी के निर्धारित दरों पर गुणवत्तायुक्त खाद और बीज प्राप्त कर रहे हैं।

राज्य सरकार के द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत कृषकों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके अंतर्गत कृषकों का उनकी कृषि भूमि के आधार पर एवं खाद बीज हेतु भी साख सीमा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत अबतक 6588 कृषकों द्वारा केसीसी का लाभ लिया गया है, जिसके अंतर्गत 34 करोड़ 13 लाख रूपये कृषकों को कृषि ऋण के रूप में उनके खातों में अंतरण किया गया एवं 3 करोड़ 16 लाख रूपए का खाद बीज प्रदान किया गया है।