Shiva Tandava Stotra: भारतीय सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गूंजा शिव तांडव स्तोत्र, जानें इसका महत्व

Shiva Tandava Stotra: भारतीय सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गूंजा शिव तांडव स्तोत्र, जानें इसका महत्व

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली,12 मई 2025:

लंकापति रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्र एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार भारतीय सेना की डीजीएमओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी का वीडियो चलाया गया तो वीडियो के बैकग्राउंड में शिव तांडव की धुन सुनाई दी। पूरा प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल शिव तांडव स्त्रोत की ध्वनि से गूंज उठा। इसी के साथ ही शिव तांडव स्तोत्र को लोक गूगल पर टाइप कर सर्च करने लगे।

दरअसल भारत-पाकिस्तान के सीजफायर के बाद भारतीय सेना के तीनों सेनाओं ने रविवार शाम साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में भारतीय सेना के ऑपरेशन को दिखाया गया।

कॉन्फ्रेंस में शिव तांडव स्तोत्र की ध्वनि और स्क्रीन पर वीडियो में लिखा था ‘भारत सिर्फ बल प्रयोग से ही नहीं, बल्कि अडिग संकल्प से जवाब देता है (India not respond with force but unwavering resolve)। आखिर देश के इतने अहम ऑपरेशन के लिए इस शिव तांडव स्तोत्र की ध्वनि को ही क्यों चुना गया? हिंदू धर्म ग्रंथों और मान्यताओं में शिव और शिव तांडव स्त्रोत के बारे में विस्तार से जानते हैं।

शिव तांडव स्त्रोत की रचना

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, शिव तांडव स्त्रोत की रचना दशानन रावण ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए की थी। जब महादेव रावण की तपस्या से प्रसन्न हुए तो उसने वरदान में ऐसे शक्तिशाली अस्त्र की मांग की, जिससे कोई भी उसका विनाश न कर सके।

शिव तांडव स्त्रोत की ध्वनि इस्तेमाल करने का रहस्य

हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का मानना है कि शिव तांडव स्त्रोत का पाठ और इसकी ध्वनि ऊर्जा से ओत-प्रोत कर देती है। उन्हें नकारात्मक शक्तियों से दूर करती है। यह भक्तों को शिव की दिव्य ऊर्जा से जोड़ने, आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने और नकारात्मकता को दूर करने की अपनी क्षमता के लिए पूजनीय है।

शिव तांडव स्त्रोत के श्लोक

अखर्वसर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी रसप्रवाहमाधुरीविजृम्भणामधुव्रतम्।

स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे॥१०॥

में बताया गया है कि ऐसे भगवान शिव को नमन करता हूं, जिनके चारों ओर मधुमक्खियां उड़ती रहती हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि कदंब फूलों की शुभ और मन को मोहने वाली महक उनके चारों ओर फैली हुई है, जिन्होंने मन्मथ (प्रेम के देवता), त्रिपुरा (तीन नगर) का नाश किया, जिन्होंने सांसारिक जीवन के बंधनों और यज्ञों को नष्ट कर दिया, जिन्होंने अंधक (उनके अंधे पुत्र), गजासुर नामक हाथी राक्षस और यम यानि मृत्यु के देवता का भी नाश किया है वे हमें समृद्धि प्रदान करें

यानि ऐसे महादेव की कृपा बनी रहे जिन्होंने मृत्यु के देवता यम का भी नाश कर दिया। और हमारे देश के पायलट और वीर जवान भी आतंक फैलाने वाले आतंकवादियों का ऑपरेशन सिंदूर के जरिए नाश करके मृत्यु पर महादेव की कृपा से विजय पाए और अपने मिशन को पूरा करके सुरक्षित अपने वतन वापस लौट आए।