सिंध से कराची तक तबाही! पाकिस्तान ने खुद ही अपने हालात किए बदतर, नेशनल हाईवे बना जाम का समंदर

स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 28 अप्रैल 2025  भारत ने सिंधु जल संधि पर कार्रवाई का संकेत भर दिया था, लेकिन पाकिस्तान पहले ही अपने आंतरिक संकट में उलझता दिख रहा है। सिंध प्रांत में सिंधु नदी पर नई नहर परियोजना के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि सिंध से कराची तक के नेशनल हाईवे पर 30 हजार से ज्यादा ट्रक और टैंकर फंसे हुए हैं।

हाईवे बना जाम का समंदर
सिंध में हजारों ट्रक और टैंकरों के कारण नेशनल हाईवे पूरी तरह जाम हो चुका है। सड़कों पर वाहन टस से मस नहीं हो रहे। कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से कारखानों का उत्पादन भी ठप पड़ने लगा है। कराची से सुक्कुर और खैरपुर तक कारोबारी आवाजाही रुक गई है, जिससे बंदरगाहों पर भी कंटेनरों का अंबार लग गया है।

सरकार की अपील बेअसर
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। सिंध के राजनीतिक दलों और सिविल सोसायटी संगठनों ने सरकार की नई नहर परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फिलहाल परियोजना पर काम रोकने की घोषणा हुई है, पर प्रदर्शन खत्म होने के आसार नहीं हैं।

आर्थिक संकट की दस्तक
कराची पोर्ट ट्रस्ट पर न तो निर्यात के लिए सामान पहुंच पा रहा है और न ही आयातित वस्तुएं बाहर आ रही हैं। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि यदि हालात कुछ दिन और ऐसे रहे तो पाकिस्तान में जरूरी वस्तुओं की भारी किल्लत और महंगाई का नया तूफान आ सकता है।

ट्रांसपोर्टरों की हालत बदतर
ऑल पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, 30 हजार से अधिक ट्रकों और टैंकरों में 90 हजार से अधिक ड्राइवर और सहायक फंसे हैं। भीषण गर्मी में पानी और भोजन की कमी से संकट और गहरा गया है। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर वाहनों में आगजनी भी की है, जिससे जानवरों समेत बड़ी संख्या में जनहानि भी हुई है।

देशव्यापी सप्लाई चेन पर खतरा
बड़े निर्यातकों और औद्योगिक संगठनों ने सरकार को चेताया है कि यदि दो-तीन दिनों में गतिरोध समाप्त नहीं हुआ, तो देश की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा सकती है। विशेष रूप से तेल से लदे हजारों टैंकरों के फंसे रहने से पाकिस्तान में ईंधन संकट गहराने का खतरा भी मंडरा रहा है।

भारत का दबाव और बढ़ा
भारत ने जहां सिंधु जल संधि को लेकर सख्त रुख दिखाया है, वहीं अब पाकिस्तान अपने ही भीतरी हालात से जूझता दिखाई दे रहा है। इस बीच, भारत द्वारा दुश्मन देशों की समुद्री सीमाओं पर राफेल लड़ाकू विमानों की तैनाती को लेकर भी बड़ा ऐलान होने की उम्मीद है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं और गहरा सकती हैं।