PF के 7 करोड़ खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगा निश्चित ब्याज, शेयर बाजार का नहीं होगा कोई असर
स्वतंत्र बोल
दिल्ली 18 फरवरी 2025.अगर आप एक कर्मचारी हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण और दिलचस्प हो सकती है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सदस्यों को तय ब्याज दर देने के लिए एक नया रिजर्व फंड बनाने की योजना बना रहा है।इस फैसले से PF खाताधारक हर साल निश्चित ब्याज प्राप्त कर सकेंगे और वे बाजार की उतार-चढ़ाव से मुक्त रहेंगे। इस फंड को तैयार करने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय और EPFO के अधिकारी अंदरूनी स्तर पर काम कर रहे हैं।
एक निश्चित हिस्सा किया जाता है बाजार में निवेश
असल में, PF फंड का एक निश्चित हिस्सा EPFO द्वारा बाजार में निवेश किया जाता है। कई बार EPFO को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) और अन्य निवेशों पर कम रिटर्न मिलता है। EPFO के सदस्यों को भी इसका नुकसान उठाना पड़ता है। जब शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो इसका असर EPFO के निवेश पर भी पड़ता है। कम रिटर्न के कारण EPFO को PF के ब्याज दरों में भी कमी करनी पड़ती है।
इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए EPFO एक रिजर्व फंड बनाने पर विचार कर रहा है, जो निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को स्थिर रखेगा। इससे PF खाताधारक हर साल निश्चित ब्याज प्राप्त कर सकेंगे, चाहे बाजार की स्थिति जैसी भी हो।
यह फंड कैसे काम करेगा?
हिंदुस्तान वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, EPFO हर साल इस योजना के तहत मिलने वाले ब्याज का कुछ हिस्सा अलग रखेगा और उसे रिजर्व फंड में जमा करेगा। जब भी बाजार में गिरावट आएगी और निवेश से कम रिटर्न मिलेगा, तब इस फंड का उपयोग करके ब्याज दर को स्थिर रखा जाएगा। EPFO के 7 करोड़ से अधिक सदस्य इसका फायदा उठाएंगे।
कब लिया जाएगा निर्णय?
इस समय यह योजना प्रारंभिक चरण में है। श्रम और रोजगार मंत्रालय और EPFO के अधिकारी इस पर अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले 4 से 6 महीनों में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। आपको बता दें कि जब EPFO 1952-53 में शुरू हुआ था, तो PF पर केवल 3% ब्याज मिलता था। 1989-90 तक यह बढ़कर 12% हो गया था, जो 2000-01 तक रहा। इसके बाद समय-समय पर इसमें बदलाव होते रहे हैं। वर्तमान में 2023-24 में EPFO का ब्याज दर 8.25% है।
28 फरवरी को होगी महत्वपूर्ण बैठक
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए PF ब्याज दर तय करने के लिए EPFO का सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (CBT) 28 फरवरी को बैठक करेगा। ब्याज दर को स्थिर रखने या उसमें मामूली बढ़ोतरी करने पर चर्चा हो सकती है। हालांकि ब्याज दर में कटौती की संभावना बहुत कम बताई जा रही है।


