स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 13 फरवरी 2025.टेलीकॉम रेगुलेटर अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने स्पैम कॉल्स को लेकर सख्ती कर दी है. TRAI ने साफ कर दिया है कि अगर टेलीकॉम कंपनियां नियमों का उल्लंघन करती है तो उन पर 2 से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.बता दें कि भारत में करोड़ों मोबाइल यूजर्स हैं और इनमें से अधिकतर स्पैम कॉल्स और मैसेजेस से परेशान हैं. आइए पूरा मामला जानते हैं.
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रियल टाइम में देनी होगी स्पैम कॉल्स की जानकारी
TRAI ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को स्पैम कॉल और SMS के पैटर्न को एनालाइज करने को कहा है. यह एनालिसिस हाई कॉल वॉल्यूम, शॉर्ट कॉल ड्यूरेशन और लो-इनकमिंग टू आउटगोइंग कॉल रेशो के आधार पर होगा ताकि स्पैमर्स की पहचान हो सके. TRAI ने नियमों में संशोधन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों के लिए किसी नंबर पर आने वाली स्पैम कॉल्स की पूरी संख्या बताना अनिवार्य कर दिया है. अगर कोई कंपनी ऐसा नहीं करती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा. पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर उस पर 2 लाख रुपये और दूसरी बार उल्लंघन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके बाद भी अगर कंपनी नियमों का पालन नहीं करती तो हर उल्लंघन के हिसाब से उसे 10 लाख रुपये जुर्माना चुकाना होगा.
अब टेलीमार्केटिंग के लिए नहीं यूज होंगे 10 डिजिट वाले नंबर
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए TRAI ने 10 अंकों वाले नंबरों से कमर्शियल कम्युनिकेशन पर रोक लगा दी है. इसका मतलब है कि अब टेलीमार्केटिंग के लिए 10 अंकों वाले नंबर इस्तेमाल नहीं होंगे. इसकी बजाय प्रमोशनल कॉल के लिए ‘140’ वाली सीरीज कंटिन्यू की जाएगी, जबकि ट्रांजेक्शनल और सर्विस कॉल्स के लिए ‘1600’ सीरीज यूज होगी. इसके अलावा TRAI ने यूजर्स के लिए स्पैम कॉल की शिकायत दर्ज कराना भी आसान कर दिया है. अब उन्हें कम्युनिकेशन प्रीफेरेंस के लिए रजिस्टर करना जरूरी नहीं होगा.
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