स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 2 अक्टूबर 2026 : राज्यसभा के मौजूदा सांसदों की आर्थिक तस्वीर में बड़ी संपत्ति वाले सदस्यों की मौजूदगी साफ दिखाई देती है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषण किए गए 226 राज्यसभा सांसदों में 31 यानी 14% ने ₹100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है। यानी करीब हर सातवां सांसद इस श्रेणी में है। ये आंकड़े सांसदों के चुनावी हलफनामों में घोषित संपत्ति पर आधारित हैं।
रिपोर्ट में राज्यसभा के कुल 233 सांसदों में से 226 का विश्लेषण किया गया है। पश्चिम बंगाल की चार सीटें खाली थीं। वहीं देवेंद्र प्रताप सिंह, जी.सी. चंद्रशेखर और एस. सेल्वगणपति के हलफनामे उपलब्ध नहीं होने के कारण इन तीन सांसदों को विश्लेषण में शामिल नहीं किया गया।
226 सांसदों की औसत संपत्ति ₹115.25 करोड़
ADR के मुताबिक, विश्लेषण किए गए 226 राज्यसभा सांसदों की औसत घोषित संपत्ति ₹115.25 करोड़ है। यह औसत हलफनामों में घोषित संपत्ति के आधार पर है। कुछ सांसदों की बहुत ज्यादा संपत्ति होने का असर इस औसत पर पड़ता है।
आपके दिए गए पिछले वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, ₹100 करोड़ से ज्यादा घोषित संपत्ति वाले सांसदों की संख्या 2014 में 4, 2018 में 6 और 2024 में 31 थी। जून 2026 के विश्लेषण में भी यह संख्या 31 है। 2024 के ADR विश्लेषण में भी 225 सांसदों में 31 यानी 14% सांसदों ने ₹100 करोड़ से अधिक की संपत्ति घोषित की थी।
किस पार्टी के कितने सांसद ₹100 करोड़ क्लब में?
ADR की जून 2026 रिपोर्ट के अनुसार, BJP के 107 सांसदों में 7 यानी 7% ने ₹100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति घोषित की है। कांग्रेस के 29 सांसदों में 6 यानी 21% इस श्रेणी में हैं।
YSRCP के 4 में 2 यानी 50%, TDP के 4 में 2 यानी 50%, BRS के 3 में 2 यानी 67% और NCP के 4 में 2 यानी 50% सांसदों की घोषित संपत्ति ₹100 करोड़ से ज्यादा है।
सबसे ज्यादा संपत्ति वाले सांसद कौन?
जून 2026 के ADR आंकड़ों में BRS के तेलंगाना सांसद डॉ. बंदी पार्थ सारथी रेड्डी सबसे ज्यादा घोषित संपत्ति वाले सांसद हैं। उनकी कुल घोषित संपत्ति ₹5,300 करोड़ से ज्यादा है।
इसके बाद पंजाब से राजिंदर गुप्ता की घोषित संपत्ति करीब ₹5,053 करोड़ और तेलंगाना से कांग्रेस सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी की संपत्ति करीब ₹2,558 करोड़ है।
इसके बाद समाजवादी पार्टी की जया अमिताभ बच्चन की घोषित संपत्ति करीब ₹1,578 करोड़ है। निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल की घोषित संपत्ति करीब ₹608 करोड़ है। ADR के उपलब्ध संपत्ति आंकड़ों में इन सांसदों की रकम चुनावी हलफनामों में घोषित कुल संपत्ति को दर्शाती है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांसदों की संपत्ति कितनी?
राज्यवार आंकड़ों में तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के सांसदों की घोषित संपत्ति का बड़ा हिस्सा सामने आता है। तेलंगाना के 7 में से 4 सांसद यानी 57% और आंध्र प्रदेश के 11 में से 5 यानी 45% सांसदों ने ₹100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।
ओडिशा में 10 में से 3 यानी 30%, पंजाब में 7 में से 2 यानी 29% और गुजरात में 11 में से 2 यानी 18% सांसद इस श्रेणी में हैं। उत्तर प्रदेश के 31 में से 4 यानी 13%, महाराष्ट्र के 19 में से 3 यानी 16% और तमिलनाडु के 18 में से 2 यानी 11% सांसदों ने ₹100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।
ADR के मुताबिक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 18 सांसदों की कुल घोषित संपत्ति करीब ₹10,259 करोड़ है। इसमें तेलंगाना के सांसदों की करीब ₹8,310 करोड़ और आंध्र प्रदेश के सांसदों की करीब ₹1,949 करोड़ की घोषित संपत्ति शामिल है। यह 226 सांसदों की कुल करीब ₹26,047 करोड़ की घोषित संपत्ति का लगभग 39% है।
2018 के मुकाबले औसत संपत्ति दोगुने से ज्यादा
ADR के आंकड़ों के मुताबिक, 2018 में राज्यसभा सांसदों की औसत घोषित संपत्ति ₹55.62 करोड़ थी। जून 2026 के विश्लेषण में यह बढ़कर ₹115.25 करोड़ हो गई है। यानी इस अवधि में औसत घोषित संपत्ति दोगुने से ज्यादा स्तर पर पहुंची है।
इन आंकड़ों से राज्यसभा की मौजूदा सदस्यता में बड़ी घोषित संपत्ति वाले सांसदों की मौजूदगी का पैटर्न सामने आता है। हालांकि, केवल संपत्ति के आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी व्यक्ति के राज्यसभा पहुंचने का कारण सिर्फ उसकी आर्थिक स्थिति है। सांसद अलग-अलग कारोबारी, पेशेवर और पारिवारिक पृष्ठभूमि से आते हैं।


