स्वतंत्र बोल
लखनऊ 23 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत तेज हो गई है। कांग्रेस ने गठबंधन में 172 विधानसभा सीटों पर दावा पेश किया है। पार्टी ने इन सीटों को चार कैटेगरी में बांटकर सूची सपा को भेजी है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की पहली प्राथमिकता A कैटेगरी की 75 सीटें हैं, जिन्हें वह अपने खाते में चाहती है।
कांग्रेस की सूची में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटें शामिल हैं। पार्टी ने सहारनपुर की सभी विधानसभा सीटों के अलावा मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, मेरठ, अमरोहा और संभल की मुस्लिम बहुल सीटों पर भी दावा किया है। इसके साथ ही कांग्रेस रायबरेली और अमेठी की सभी विधानसभा सीटें चाहती है।
पश्चिमी यूपी की सीटों पर कांग्रेस का जोर
सीट बंटवारे की बातचीत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्राथमिकता में है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी का मानना है कि मुस्लिम और दलित मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या वाली सीटों पर उसे गठबंधन के तहत बेहतर राजनीतिक अवसर मिल सकते हैं। इसी वजह से A कैटेगरी की 75 सीटों को लेकर कांग्रेस का रुख सख्त बताया जा रहा है। इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का रामपुर दौरा भी चर्चा में है। अखिलेश यादव गुरुवार को आजम खान से मुलाकात करने रामपुर पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों और कांग्रेस को दी जाने वाली सीटों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों का दावा है कि पश्चिमी यूपी में कांग्रेस को 12 से 14 सीटें देने पर सहमति बनी है।
कांग्रेस को 50 से 60 सीटें देने के पक्ष में सपा
कांग्रेस की 172 सीटों की मांग के मुकाबले समाजवादी पार्टी उसे 50 से 60 सीटें देने के पक्ष में बताई जा रही है। गठबंधन की बातचीत में शामिल सपा के एक नेता के मुताबिक, पार्टी इस विकल्प पर विचार कर रही है। इनमें अवध और बुंदेलखंड की सीटों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या और क्षेत्रों के चयन को लेकर बातचीत जारी है। कांग्रेस अपनी प्राथमिकता वाली सीटें हासिल करना चाहती है, जबकि सपा अपने चुनावी आकलन के आधार पर सीटों का बंटवारा करना चाहती है।
रायबरेली और अमेठी पर भी फंसा पेच
रायबरेली और अमेठी की विधानसभा सीटों को लेकर भी दोनों दलों के बीच खींचतान बताई जा रही है। कांग्रेस दोनों जिलों की सभी विधानसभा सीटों पर दावा कर रही है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक, सपा प्रत्येक जिले में कांग्रेस को दो-दो सीटें देने के पक्ष में है। ये दोनों जिले कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अहम हैं। रायबरेली से राहुल गांधी सांसद हैं, जबकि अमेठी से किशोरी लाल शर्मा सांसद हैं। ऐसे में इन सीटों पर सहमति बनाना गठबंधन की बातचीत का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
अब सपा की अंतिम सूची का इंतजार
कांग्रेस अपनी ओर से 172 सीटों की दावेदारी वाली सूची सपा को भेज चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, अब समाजवादी पार्टी अपनी अंतिम सूची कांग्रेस को भेजेगी। इसके बाद सीटों की संख्या और अलग-अलग क्षेत्रों में दोनों दलों की दावेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।


