सपोर्ट जर्नलिज्म की शुरुआत: पत्रकारों का हुआ सम्मान, विश्व प्रेस स्वतंत्र दिवस पर हुआ आयोजन

स्वतंत्र बोल
रायपुर 04 मई 2025.  विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 03 मई को राजधानी में “सपोर्ट जर्नलिज़्म ” मुहिम की शुरुआत की हुई। इस अवसर पर बेहतर पत्रकारिता की उम्मीद सम्मान चयनित पत्रकारों को दिया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार आसिफ़ इक़बाल तथा प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ परदेसीराम वर्मा के द्वारा विभिन्न पत्रकार संगठनों के अध्यक्षो को सम्मानित किया गया। वही पत्रकारिता क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे पत्रकारों, समाचार संस्थानों के प्रमुखों को बेहतर कार्य करने पर सम्मानित किया गया।

सिविल लाइन स्थित डायोसिस हॉल में शनिवार शाम आयोजित विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के विषय मे सुधीर आज़ाद तम्बोली ने बताया कि वर्तमान समय पत्रकारों के समक्ष चुनौतियों के विरुद्ध पत्रकारिता को समर्थन देकर पत्रकारों के हौसला अफजाई के लिए एक नई पहल सपोर्ट जर्नलिस्म मुहिम की शुरुआत की गई है। www.supportjournalism.in के माध्यम से पत्रकारिता के लिए पत्रकारों को समर्थन व सहयोग एकत्रित करने व निर्भीक तथा निरपेक्ष जनकल्याणकारी ख़बर बनाने, लिखने वाले पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार पी सी रथ ने कहा कि “देश में प्रेस की स्वतंत्रता के मामले में नार्वे के पहले नंबर पर होने तथा भारत का स्थान 151 में होने पर चिंता व्यक्त की। विभिन्न पत्रकार संगठनों के माध्यम से। प्रदेश के कोने कोने तक फैले पत्रकारों तक इन चिंताओं को ले जाने तथा पत्रकारों के हितों के लिए एकजुटता के लिए प्रयास करने की जरूरत बताई।”

इनका हुआ सम्मान-

 

बेहतर पत्रकारिता की उम्मीद सम्मान 2025 से आलोक शुक्ला (पहल), उचित शर्मा (टीआरपी), देवेंद्र गुप्ता (मोर छत्तीसगढ़) राहुल गोस्वामी (स्वतंत्र बोल) अनुराग शर्मा (महासमुंद डायरी) सत्येंद्र सिंह राजपूत (फोर्थ आई न्यूज़) दिनेश कुमार सोनी (हाइवे क्राइम्स) सैयद सलमा (वैदिक) सागर फ़रिकार (नवभारत) छायाकार व अन्य को सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रदेश के पत्रकार संगठनों के अध्यक्ष/महासचिव को भी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आसिफ इकबाल ने अपने उद्बोधन में पत्रकारिता के अनुभव के साथ खबर बनाते समय विशेष ध्यान रखने वाले प्रमुख बातों को साझा किया । विशिष्ठ अतिथि परदेशी राम वर्मा ने साहित्य और समाचार पत्रों के रिश्ते पर अपना व्यक्तव्य देते हुए पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने वाले रम्मू श्रीवास्तव, राजनारायण मिश्र जैसे नामी पत्रकारों के साथ अपने अनुभव को साझा किया।

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