स्वतंत्र बोल
मुंगेली, 15 अप्रैल 2026 : धान खरीदी के नाम पर ऐसा खेल सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कागजों में हजारों क्विंटल धान मौजूद, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही स्टॉक गायब—इस चौंकाने वाले घोटाले ने प्रशासन को भी हिला कर रख दिया है। जिले के हथनीकला धान खरीदी केंद्र में करीब 2.54 करोड़ रुपए के धान गबन का मामला उजागर हुआ है, जिसमें केंद्र प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
कैसे खुला पूरा राज?
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा मुंगेली के पर्यवेक्षक भरत लाल कौशिक ने इस पूरे घोटाले का खुलासा किया। उन्होंने शिकायत में बताया कि कुल 8216.30 क्विंटल धान की हेराफेरी की गई, जिसकी कीमत 2 करोड़ 54 लाख 70 हजार 530 रुपए आंकी गई है।
कलेक्टर के निर्देश पर जांच, और फिर… बड़ा खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को एक संयुक्त जांच टीम बनाई गई। टीम ने 8 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें जो सामने आया, वह किसी भी सामान्य गड़बड़ी से कहीं ज्यादा बड़ा था।
कागज और हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क
जांच में पाया गया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में 9798.70 क्विंटल धान दर्ज था, लेकिन जब भौतिक सत्यापन किया गया तो मौके पर सिर्फ 7534 क्विंटल धान ही मिला। इतना ही नहीं, 682.30 क्विंटल का वजन भी कम पाया गया। कुल मिलाकर 8216.30 क्विंटल धान गायब मिला।
धान की किस्म में भी खेल
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि धान की किस्म तक बदल दी गई। रिकॉर्ड में जहां सरना धान की भारी मात्रा दिखाई गई, वहीं मौके पर वह लगभग नदारद मिला। इसके उलट मोटा धान जरूरत से ज्यादा पाया गया। इस गड़बड़ी ने साफ संकेत दिया कि सिर्फ स्टॉक ही नहीं, बल्कि पूरी एंट्री सिस्टम में छेड़छाड़ की गई।
नियमों को ताक पर रखकर चला पूरा खेल
जांच में यह भी सामने आया कि कई बार बिना कंप्यूटर ऑपरेटर के ही डेटा एंट्री की गई। बारदाना प्रभारी की गैरमौजूदगी में धान की लोडिंग और रख-रखाव किया गया। यहां तक कि आरोपी और उसके पिता द्वारा अनियमित तरीके से केंद्र संचालन की बात भी सामने आई है।
जांच शुरू होते ही गायब हो गया आरोपी
जैसे ही जांच तेज हुई, केंद्र प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत पिछले कई दिनों से लापता हो गया। उसका मोबाइल बंद मिला और घर पर नोटिस चस्पा करने के बाद भी वह सामने नहीं आया। इससे पूरे मामले में जानबूझकर गड़बड़ी करने की आशंका और गहरी हो गई है।
अंततः जवाब न देने पर 13 अप्रैल 2026 को सिटी कोतवाली थाना मुंगेली में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
अब पुलिस इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि इस घोटाले में सिर्फ एक व्यक्ति शामिल है या इसके पीछे पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस घोटाले के और भी चौंकाने वाले राज खुलने की आशंका जताई जा रही है।
