रायगढ़ में ऑनलाइन सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, 6 सटोरिये गिरफ्तार, मोबाइल और डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े चौंकाने वाले सबूत बरामद

स्वतंत्र बोल
रायगढ़,28 अप्रैल 2026। आईपीएल के रोमांच के बीच शहर में एक ऐसा खेल चल रहा था, जिसका सच सामने आते ही हड़कंप मच गया। पुलिस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में जो तरीके सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

साइबर थाना, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की टीम ने अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कैफे और दुकानों को सट्टेबाजी का अड्डा बनाकर दांव लगवाने का खेल संचालित किया जा रहा था। आरोपियों के पास से करीब ढाई लाख रुपये कीमत के 7 मोबाइल फोन, 15,490 रुपये नकद और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।

कोतवाली क्षेत्र के नयागंज कोष्टापारा में पुलिस ने दबिश देकर 21 वर्षीय सोनू देवांगन को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि वह मोबाइल के जरिए आईपीएल टीमों—चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स—के मैचों पर सट्टा संचालित कर रहा था। उसके मोबाइल से गूगल पे ट्रांजेक्शन और मैच से जुड़े स्क्रीनशॉट भी बरामद किए गए।

इसी कार्रवाई के दौरान गद्दी चौक स्थित ए-वन कैफे में छापेमारी कर 24 वर्षीय हर्षित देवांगन को भी गिरफ्तार किया गया। वह कैफे के अंदर बैठकर मोबाइल के जरिए हार-जीत पर दांव लगवा रहा था और डिजिटल पेमेंट के माध्यम से लेनदेन कर रहा था।

घरघोड़ा थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। गोयल ट्रेडिंग दुकान से 22 वर्षीय भरत गोयल को गिरफ्तार किया गया, जो आईपीएल मैचों में चौका, छक्का और विकेट पर सट्टा चला रहा था। वहीं जय स्तंभ चौक के पास पुलिस ने गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता को सट्टा खेलाते हुए पकड़ा। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की गई, लेकिन घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया गया।

पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनमें जश्मित सिंह बग्गा और करण चौधरी शामिल हैं। पुलिस अब इनकी भूमिका की जांच कर रही है और जल्द ही इनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।

इस पूरी कार्रवाई में जब्त किए गए मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि यह सट्टा नेटवर्क सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि इसके तार कहीं और भी जुड़े हो सकते हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि ऑनलाइन सट्टा और अवैध जुए के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईपीएल की आड़ में चल रहे ऐसे किसी भी अवैध धंधे को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ शुरुआत है, या इसके पीछे छिपा है और भी बड़ा खेल, जिसका खुलासा अभी बाकी है।