स्वतंत्र बोल
रायपुर, 02 अप्रैल 2025: पिछले दिनो भूपेश बघेल के साथ आधा दर्जन आईपीएस और अन्य अधिकारियों के यहां सीबीआई के द्वारा मारी गई रेड में कई आईपीएस अधिकारी महादेव सट्टा एप मामले में फंसे नजर आएंगे। CBI की रेड के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कह दिया है कि सट्टा मामले शामिल बीजेपी का हो या कांग्रेस का कोई बक्शा नहीं जाएगा..
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जिन IPS अफसरों के यहां रेड हुई है. इनमे से एक आईपीएस जब रायपुर में एसपी के पद पर कार्यरत थे ..तब तिल्दा नेवरा में पदस्थ एक टीआई जो कि तत्कालीन रायपुर एसएसपी के सबसे करीबी माने जाता था उसके द्वारा मुंबई बिलासपुर के सटोरियों को बुलाकर, तिल्दा के एक सटोरियों के घर से सट्टे का संचालन कराया जाता था। टीआई के संरक्षण में करीब 1 साल तक खुलेआम सट्टे का व्यवसाय चलता रहा। एसएसपी का वरदहस्त होने के कारण टीआई, के संरक्षण में अवैध गैस रिफिलिंग कर मामूली पैसे कमाने वाला युवक खुले आम सट्टे का कारोबार करने लगा..और देखते ही देखते वह करोड़ों का मालिक बन गया,
कट्टर कांग्रेसी होने के बाद भी पैसों के दम पर एक तथाकथित भाजपा के जिला पदाधिकारी के सहयोग से भजपा प्रवेश कर लिया और 2021 के चुनाव मे पार्षद पद के लिए भाजपा की टिकट ले आया और पैसों के दम पर चुनाव जीत भी गया। इसी बीच टीआई का तबादला हो गया। लेकिन उसके बाद तथा कथित नेता भाजपा नाम का कवच पहनकर शहर में सट्टे का बेताज बादशाह बन गया। आज जब भी भाजपा का कोइ नेता या मंत्री शहर में आता है तो इस सट्टेबाज को पहले मिलाया जाता है, एक मंत्री तो इसके कंधे पर हाथ रखकर लोगो से मिलता नजर आता है। ऐसे में चाहकर भी पुलिस का कोई आला अफसर इनके ऊपर सीधा हाथ डालने से घबराता है। अब तो सट्टे के साथ जमीनों पर भी कब्जा करने का गोरख धंधा शुरू कर दिया गया है. आज जिन अधिकारियों के यहां रेड हुई है, कांग्रेस के शासन काल मे इन अधिकारियो के पास रुपयों की हर महीने गड्डी पहुचाई जाती थी ।अब भाजपा का शासन है, पहले से ही अधिकारी लूप लाइन में है ऊपर से सीबीआई के छापे, जांच के बाद आज नही तो कल ये अधिकारी सलाखों के पीछे नजर आ सकते हैं? सट्टे बाज भले ही आज सत्ताधारी पार्टी का बता कर बच जाए लेकिन जब विपरीत समय आएगा तो ये सारे अधिकारी जो अभी उनके कंधे पर हाथ रख कर चल रहे हैं वे इनका जुलूस निकालने आतुर दिखेंगे।
बताया जाता है कि तिल्दा के इस सटोरिए के खास माने जाने वाले टीआई का 4 साल पहले जब ट्रांसफर हुआ, तब इस सटोरिया ने छाती ठोककर कहा था कि टीआई को वह तिल्दा वापस लेकर आएगा। खबरनवीसों के पास इस सटोरिया के कई ऐसे पुख्ता सबूत हैं. ऐसे बैंक खाते हैं जो दूसरे नाम के हैं और उनके द्वारा उन खातों से करोड़ों रुपए की लेनदेन की गई है। इसके गोवा से लेकर अन्य ठिकाने भी है, इसके अलावा और भी सबूत जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे सबूत के साथ हम बड़ा खुलासा करेंगे। लोग बताते हैं कि आज यदि सीबीआई के द्वारा सही जांच की गई तो एक आईपीएस तत्कालीन रायपुर एसपी के पास से इसकी जानकारी मिल जाएगी, हालांकि पिछले दिनों आईपीएस अधिकारियों पर हुए एक्शन को भी इससे ही जोड़कर देखा जा रहा है और यह भी कहा जा रहा है कि जांच एजेंसी की हाथ इनके गर्दन तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के द्वारा भले ही भिलाई के सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को ऑनलाइन बेटिंग सट्टा संचालन का सरगना बताया जाता है लेकिन तिल्दा नेवरा के इस सट्टेबाज का भी पूरे देश में नेटवर्क फैला हुआ है. प्रतिदिन 20 से 25 करोड रुपए का व्यापार इस इस सट्टेबाज के द्वारा महादेव एप चलाकर किया जाता है। दुबई में बैठे सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की तरह इस सट्टेबाज ने भी करोड़ों रुपए अर्जित कर लिए हैं, सट्टे से कमाए गए पैसों से इसने करोड़ों रुपए की कई बेनामी संपत्ति अर्जित कर ली है अब इसने जमीनों पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया है। सूत्रों की माने तो सीबीआई को इस सट्टाबाज के कुछ सबूत मिले हैं और जल्द ही सीबीआई इस तक पहुंच सकती है।
