स्वतंत्र बोल
पटना 21 सितम्बर 2026 : बिहार के जमुई में नाबालिग से हुई छेड़खानी के मामले में पुलिस मुख्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक तीन नाबालिगों को निरुद्ध (हिरासत में) किया है। वहीं, घटना में शामिल दो अन्य युवकों की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है।
महिला SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में SIT गठित
एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के लिए महिला एसडीपीओ दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस की प्राथमिकता मामले के सभी साक्ष्यों को जुटाना और फरार दो युवकों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है।
सोशल मीडिया से हटवाया गया आपत्तिजनक वीडियो
घटना का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कदम उठाए हैं। फेसबुक, एक्स (ट्विटर) समेत अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म्स से वीडियो को हटवा (टेकडाउन करा) दिया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए डिजिटल स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
नाबालिग का चेहरा दिखाने वाली वेबसाइटों पर होगी कार्रवाई
एडीजी विधि-व्यवस्था ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जिन लोगों, सोशल मीडिया अकाउंट्स या वेबसाइटों ने पीड़िता नाबालिग का चेहरा दिखाते हुए वीडियो चलाया या प्रसारित किया है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस ऐसे चैनलों और यूजर्स की पहचान कर कानून के मुताबिक केस दर्ज करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।


