यूपीएससी क्रैक कर बनीं IPS, अब एके-47 के साथ आया नया वीडियो: जानिए कौन हैं अंकिता शर्मा?

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स्वतंत्र बोल
राजनांदगांव 21 अक्टूबर 2026:
विजयदशमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में एक बेहद अलग और चर्चा में रहने वाला नजारा देखने को मिला है। जिले की तेज-तर्रार पुलिस अधीक्षक (एसपी) और चर्चित आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा का शस्त्र पूजन के बाद पारंपरिक साड़ी में ही अत्याधुनिक एके-47 (AK-47) राइफल थामकर फायरिंग करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह राइफल से एक के बाद एक गोलियां चलाकर हथियारों की मारक क्षमता को परखती नजर आ रही हैं। ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर अंकिता शर्मा का यह बेखौफ और धाकड़ अंदाज इन दिनों हर तरफ सुर्खियां बटोर रहा है।

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शस्त्र पूजन की परंपरा और पुलिस महकमे का नजारा

भारत में विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परंपरा सदियों पुरानी है। देश की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था बनाए रखने वाले पुलिस व सुरक्षा बलों में भी इस दिन विशेष रूप से हथियारों और उपकरणों की पूजा की जाती है। इसी पारंपरिक अनुष्ठान के तहत राजनांदगांव पुलिस लाइन में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पूजा-अर्चना के बाद एसपी अंकिता शर्मा ने खुद एके-47 राइफल हाथ में ली और फायरिंग की। पारंपरिक परिधान में किसी महिला आईपीएस अधिकारी को इस तरह आधुनिक असलाह के साथ देखना लोगों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।

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कौन हैं IPS अंकिता शर्मा?

छत्तीसगढ़ कैडर की 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी अंकिता शर्मा अपनी सख्त पुलिसिंग और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उनका जन्म 25 जून 1990 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में हुआ था। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2017 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 203 हासिल कर अपने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की थी और उन्हें अपना होम कैडर छत्तीसगढ़ मिला।

सफलता और करियर की कहानी

अपने शुरुआती सफर में वह छत्तीसगढ़ के भाटापारा में तैनात रहीं और रायपुर के आजाद चौक की सीएसपी (CSP) की जिम्मेदारी भी संभाली। मई 2022 में उन्हें खैरागढ़ का पुलिस अधीक्षक बनाया गया, जिससे वह खैरागढ़ की पहली महिला एसपी बनीं। इसके अलावा, उन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कई सफल नक्सल विरोधी ऑपरेशन्स की कमान भी संभाली है। वर्तमान में वह राजनांदगांव जिले की बागडोर संभाल रही हैं और अपने प्रशासनिक फैसलों व जनसंवाद के चलते पुलिस महकमे में ‘लेडी सिंघम’ के रूप में पहचानी जाती हैं।