तानों से वर्दी तक का सफर, छत्तीसगढ़ में 8 ट्रांसजेंडर बने पुलिस आरक्षक, बदलती तस्वीर ने सबको चौंकाया

स्वतंत्र बोल
रायपुर,12 मई 2026:
 छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समावेशन और समान अवसर की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य में पहली बार 8 ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों का चयन पुलिस आरक्षक पद पर हुआ है। कभी समाज के तानों और अस्वीकार्यता का सामना करने वाले ये चेहरे अब पुलिस की वर्दी पहनकर नई पहचान बनाने जा रहे हैं।

ad

यह सफलता वर्ष 2024 की भर्ती प्रक्रिया और 2025 में आयोजित शारीरिक दक्षता व लिखित परीक्षा में शानदार प्रदर्शन के आधार पर मिली है। चयनित उम्मीदवारों में भूमि मानिकपुरी, खुशी ध्रुव, संजना ध्रुव, रानू यादव, पवित्रा चंद्रवंशी, लक्ष्मी साहू, अप्सरा जायसवाल और सुभी यादव शामिल हैं। ये सभी रायपुर, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा और कांकेर समेत अलग-अलग जिलों से हैं।

youtube

इन उम्मीदवारों का सफर आसान नहीं रहा। सामाजिक भेदभाव, अस्वीकार्यता और निजी संघर्षों के बीच उन्होंने हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर उन्होंने वह मुकाम हासिल किया, जिसे अब पूरे प्रदेश में मिसाल माना जा रहा है।

यह उपलब्धि सिर्फ सरकारी नौकरी मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में ट्रांसजेंडर समुदाय की बढ़ती स्वीकार्यता और सम्मान का भी बड़ा संकेत है। पुलिस विभाग जैसे जिम्मेदार क्षेत्र में उनकी नियुक्ति यह संदेश देती है कि अब अवसर सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह गए हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में समाज कल्याण विभाग की भी अहम भूमिका रही। विभाग की ओर से उम्मीदवारों को प्रशिक्षण, आवागमन सुविधा और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया गया, जिससे वे भर्ती प्रक्रिया की तैयारी बेहतर तरीके से कर सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में ट्रांसजेंडर समुदाय को आगे लाने के लिए यह चयन एक बड़ा और प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।

यह सफलता अब उन हजारों ट्रांसजेंडर युवाओं के लिए उम्मीद की नई रोशनी बन गई है, जो अब तक समाज की बंद सोच के कारण अपने सपनों को अधूरा मान बैठे थे।