स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली,08 अप्रैल 2026: आज के दौर में बीमारियां बिना दस्तक दिए शरीर पर हमला कर रही हैं और कई बार इसका पता तब चलता है जब हालात गंभीर हो चुके होते हैं। ऐसे में एकमात्र मजबूत बचाव है—समय पर टीकाकरण। इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने एक ऐसा बड़ा कदम उठाया है, जो लाखों लोगों की जिंदगी बचा रहा है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत केंद्र सरकार देशभर में मुफ्त टीकाकरण की सुविधा दे रही है। इस योजना के जरिए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कई जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी वैक्सीन बिल्कुल मुफ्त दी जाती है। खास बात यह है कि इसके लिए किसी भी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर आसानी से टीका लगवाया जा सकता है।
यह सुविधा ‘यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम (UIP)’ के तहत दी जाती है, जो दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण कार्यक्रमों में से एक है। इसके जरिए सरकार उन बीमारियों को निशाना बना रही है, जो चुपचाप शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचाती हैं।
इस योजना के तहत 12 खतरनाक बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त टीके लगाए जाते हैं। इनमें टीबी के लिए BCG, डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस के लिए DPT और Td, पोलियो के लिए OPV, खसरा और रूबेला के लिए MR, हेपेटाइटिस B, निमोनिया और दिमागी सूजन के लिए Hib और PCV, डायरिया से बचाव के लिए रोटावायरस वैक्सीन, जापानी इंसेफलाइटिस और किशोरियों के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाने वाला HPV टीका शामिल है।
इसके अलावा सरकार का ‘मिशन इंद्रधनुष’ भी लगातार चल रहा है, जिसका मकसद है कि कोई भी बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रह जाए। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें दूर-दराज के इलाकों में जाकर लोगों तक यह सुविधा पहुंचा रही हैं।
सरकार की यह पहल एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या लोग समय रहते इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठा रहे हैं, या फिर लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए?
