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नई दिल्ली 3 अक्टूबर 2026 :दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट की पहचान हमाम अलहामामी के रूप में हुई है। 30 सितंबर को उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई इस घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। रिपोर्टों के मुताबिक, अलहामामी को इससे पहले ओमान में कथित चरमपंथी विचारों को लेकर विमान उड़ाने से रोका गया था। अब जांच इस बात पर भी हो रही है कि ऐसे रिकॉर्ड के बावजूद वह तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के क्रू में कैसे शामिल हुआ।
ओमान में पहले ही लग चुकी थी उड़ान पर रोक
अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, हमाम अलहामामी के कथित चरमपंथी विचारों को लेकर ओमान में चिंताएं पैदा हुई थीं। इसी वजह से उसे वहां विमान उड़ाने से रोक दिया गया था। इसके बाद उसने ओमान छोड़ दिया और अपना ज्यादातर समय सीरिया में बिताया।
रिपोर्ट में आरोप है कि सीरिया में रहने के दौरान वह चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में आया। इसके बाद वह यूएई चला गया। इन दावों की अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर ने भी अलहामामी को कथित कट्टरपंथी विचारों के कारण ट्रेनिंग की भूमिका से हटा दिया था। एक क्षेत्रीय राजनयिक सूत्र के मुताबिक, इसके बाद उसे एयरलाइन में गैर-उड़ान से जुड़ा काम दिया गया था।
सामान से फिलिस्तीन समर्थक दस्तावेज मिलने का दावा
i24 न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच अधिकारियों को अलहामामी के निजी सामान से फिलिस्तीन के समर्थन से जुड़े पर्चे और दस्तावेज मिले हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वह सार्वजनिक और निजी तौर पर फिलिस्तीन के समर्थन तथा इजरायल के विरोध में बातें करता रहा था।
हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस हमले के पीछे वास्तव में क्या मकसद था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या घटना किसी सुनियोजित आतंकी साजिश या इस्लामिक कट्टरपंथ से जुड़ी थी। यूएई के अधिकारियों ने भी घटना के कारणों और संभावित आतंकी कनेक्शन की जांच शुरू की है।
तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में कैसे मिली जगह?
घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठा कि ओमान के नागरिक को तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट के चालक दल में शामिल होने की अनुमति कैसे मिली। ओमान और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं और ओमान इजरायल को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं देता।
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, घटना की जांच में शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय से जुड़ी एजेंसियां शामिल हैं। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि अलहामामी की पृष्ठभूमि की जांच और फ्लाइट के लिए उसकी मंजूरी की प्रक्रिया कैसे हुई।
कौन है हमाम अलहामामी?
हमाम अलहामामी मूल रूप से ओमान का नागरिक है। उसका जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई नागरिक हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, उसके पास किसी अन्य देश की दोहरी नागरिकता नहीं है।
अलहामामी ने करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई के साथ काम शुरू किया था। इससे पहले वह मोरक्को की राष्ट्रीय एयरलाइन रॉयल एयर मारोक के लिए उड़ान भर चुका था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह इससे पहले ओमान एयर से भी जुड़ा रहा था।
कॉकपिट में क्या हुआ था?
घटना 30 सितंबर को हुई। फ्लाईदुबई का विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में मौजूद अलहामामी ने मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया।
हमले के बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। उपलब्ध रिपोर्टों में विमान के कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद विमान से हाइजैकिंग का आपातकालीन डिस्ट्रेस सिग्नल भेजा गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद केबिन क्रू और यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमाम अलहामामी को काबू किया।
विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाला। विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। कैप्टन मच्छर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
हमाम अलहामामी अब कहां है?
विमान की तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद अलहामामी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद उसे यूएई को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। वहां वह आतंकवाद से जुड़ी धाराओं के तहत जांच का सामना कर रहा है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के मकसद, उसकी पृष्ठभूमि और घटना की योजना से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसलिए उसके कथित चरमपंथी संबंधों और हमले के अंतिम मकसद को लेकर जांच पूरी होने तक सामने आए दावों को आरोप और रिपोर्ट के तौर पर ही देखा जा रहा है।


