1500 लोगों ने प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए दिया आवेदन, भड़के हिंदू संगठन; जानिए क्या है पूरा मामला

स्वतंत्र बोल
धमतरी 15 सितम्बर 2026. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में 1500 से अधिक लोगों ने अपनी स्वेच्छा से ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा में शामिल होने की अनुमति मांगते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। इस मामले के सामने आते ही पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है, जिस पर आगे की जांच के लिए इसे एसडीएम (SDM) के पास भेजा जाएगा। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा बताने से इनकार किया है। केवल नगरी क्षेत्र से ही करीब 600 लोगों द्वारा आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

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हिंदू संगठनों ने लगाया धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग का आरोप

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इस पूरे घटनाक्रम पर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि यह कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत कराया जा रहा मतांतरण है। उनका आरोप है कि गरीब और सीधे-साधे लोगों को बहला-फुसलाकर तथा लालच देकर प्रार्थना सभाओं में ले जाया जा रहा है। इसके साथ ही इस पूरे मामले के पीछे विदेशी फंड आने का भी दावा किया गया है।

साहू और आदिवासी समाज को निशाना बनाने का दावा

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रार्थना सभा में शामिल होने की अनुमति मांगने वालों में सबसे ज्यादा संख्या साहू समाज और आदिवासी समाज के लोगों की है। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन दोनों समाजों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है और क्षेत्र में लगातार मतांतरण का खेल चल रहा है।

आदिवासी समाज ने बुलाई बैठक, कड़ी कार्रवाई की मांग

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष ने भी इस मामले में बड़ा बयान जारी किया है। उनका आरोप है कि पास्टर गरीब आदिवासियों के पीछे पड़े हुए हैं और उन्हें तरह-तरह के लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की साजिश रच रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आदिवासी समाज ने एक बड़ी बैठक बुलाने का निर्णय लिया है और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।