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नई दिल्ली, 23 मई 2026: चीन के शांक्सी प्रांत की लिउशेन्यू कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। शुक्रवार रात हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 82 मजदूरों की मौत हो चुकी है। विस्फोट इतना भयानक था कि कई मजदूरों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और वे धरती के नीचे ही मौत के अंधेरे में समा गए।
लेकिन यह पहली बार नहीं है जब कोयले की खदान किसी के लिए मौत का जाल बनी हो। दुनिया के इतिहास में ऐसे कई खौफनाक हादसे दर्ज हैं, जिनमें हजारों मजदूर जिंदा दफ्न हो गए, कई दिनों तक लाशें नहीं निकाली जा सकीं और पूरे इलाके मातम में डूब गए।
1. चीन का बेनक्सी हादसा — 1549 मजदूरों की मौत
दुनिया का सबसे भयावह कोयला खदान हादसा 1942 में चीन की बेनक्सी खदान में हुआ था। गैस और कोयले की धूल में हुए विस्फोट ने कुछ ही मिनटों में पूरी खदान को आग के समंदर में बदल दिया। इस हादसे में 1549 मजदूरों की जान चली गई थी। कई शव कभी बरामद ही नहीं हो सके।
2. फ्रांस की कूरिएर्स खदान त्रासदी — चीखों से कांप उठा था देश
1906 में फ्रांस की कूरिएर्स कोयला खदान में हुए विस्फोट ने 1,000 से ज्यादा मजदूरों की जान ले ली थी। हादसे के बाद कई दिनों तक अंदर फंसे मजदूर मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन ज्यादातर को बचाया नहीं जा सका।
3. जापान की मित्सुबिशी खदान — जहरीली गैस ने छीनी सांसें
1963 में जापान की मित्सुबिशी खदान में गैस विस्फोट और जहरीले धुएं के कारण 458 मजदूरों की मौत हो गई थी। कई मजदूर दम घुटने से तड़प-तड़पकर मरे थे।
4. भारत का चासनाला हादसा — पानी में डूब गई पूरी खदान
भारत के इतिहास का सबसे बड़ा खदान हादसा 1975 में धनबाद की चासनाला कोयला खदान में हुआ था। अचानक खदान में पानी भरने से 372 मजदूर अंदर ही फंस गए और उनकी मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
5. अमेरिका की मोनोगाह खदान त्रासदी
1907 में अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया की मोनोगाह खदान में हुए विस्फोट में करीब 362 मजदूर मारे गए थे। हादसे के बाद पूरा इलाका श्मशान में बदल गया था।
6. तुर्की की सोमा खदान — रोती रही दुनिया
2014 में तुर्की की सोमा कोयला खदान में आग लगने से 300 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। जहरीले धुएं और आग में फंसे मजदूरों की तस्वीरों ने दुनिया को झकझोर दिया था।
चीन में हुए ताजा हादसे के बाद एक बार फिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई देशों में आज भी खदानों में सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं होता, जिसकी कीमत मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।
धरती के नीचे कोयला निकालने की इस खतरनाक दुनिया में हर दिन हजारों मजदूर मौत को बेहद करीब से देखकर काम करते हैं। लेकिन जब कोई हादसा होता है, तो पीछे रह जाती हैं सिर्फ चीखें, मलबा और उन परिवारों की आंखों में हमेशा के लिए ठहर गया इंतजार।


