छत्तीसगढ़ मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 5 अनुभाग अधिकारियों के बदले विभाग

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 12 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। सामान्य विभाग (GAD) के आदेश के तहत कुल 5 अनुभाग अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है, जबकि एक मामले में सरकार ने महज 13 दिन पुराना अपना ही आदेश पलट दिया है। इस प्रशासनिक उठापटक में नगरीय प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, वित्त, स्कूल शिक्षा और खनिज साधन समेत कई अहम विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल अपनी नई कुर्सी संभालने और पालन प्रतिवेदन भेजने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

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इन अधिकारियों के बदले गए विभाग

जारी आदेश के मुताबिक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में पदस्थ ब्रजेश अग्रवाल को वहां से हटाकर पीडब्ल्यूडी (PWD) की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, वित्त विभाग में फाइलों का काम देख रहे गुलाब साव को स्कूल शिक्षा विभाग भेज दिया गया है। इसके अलावा, पीडब्ल्यूडी में जमे मुस्ताक अली अंसारी को खनिज साधन विभाग का नया जिम्मा सौंपा गया है, जबकि सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) में पदस्थ श्रीमती ज्योति पटेल को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में पदस्थ किया गया है।

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योगेंद्र कुर्रे ने बचाई अपनी कुर्सी, 13 दिन पुराना आदेश पलटा

मंत्रालय के इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा सामान्य प्रशासन विभाग के योगेंद्र कुर्रे को लेकर है। जहां अन्य अधिकारियों के विभाग बदले गए, वहीं योगेन्द्र कुर्रे अपनी पुरानी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे और उन्हें कक्ष-9 में ही यथावत रखा गया है। इसके अलावा, सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब सरकार ने 28 सितंबर को जारी राजपाल बघेल का आदेश पलट दिया। पहले उन्हें खनिज साधन विभाग भेजा गया था, लेकिन अब आंशिक संशोधन के बाद उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-10) में अनुभाग अधिकारी के नए पद पर पदस्थ कर दिया गया है।

उप सचिव स्तर पर भी नई जिम्मेदारियां

अनुभाग अधिकारियों के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के दो उप सचिव स्तर के अधिकारियों की भी नई पदस्थापना तय की है। जारी आदेश के तहत श्रीकान्त वर्मा को खनिज साधन विभाग भेजा गया है, जबकि अनुप्रिया मिश्रा को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की कमान सौंपी गई है। अवर सचिव मनराखन भुआर्य के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में साफ निर्देश दिए गए हैं कि 19 जुलाई 2024 के परिपत्र के नियमों का पालन करते हुए बिना किसी ढिलाई के तुरंत नई जिम्मेदारी संभाली जाए।