स्वतंत्र बोल
पंजाब, 15 मई 2025 : पंजाब सरकार की भगवंत मान सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने राज्य में पराली जलाने पर रोक लगा दी है और इसे उद्योगों के लिए ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने के लिए नई योजना शुरू की गई है.
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दरअसल, पंजाब में हर साल धान की कटाई के बाद पराली जलाने की समस्या वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण बनती है. इस समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार ने पराली को उद्योगों के लिए वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई है. पराली-आधारित बॉयलरों के उपयोग से उद्योगों को सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल ईंधन मिलेगा, जबकि किसानों को अपनी पराली बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.
क्या बोले सीएम भगवंत मान
पंजाब के सीएम भगवंत मान सभी उद्योगों, जो वर्तमान में तेल, कोयला या अन्य बायोमास पर चल रहे हैं, से अपील की है कि वह पराली आधारित बॉयलर अपनाकर इस योजना का लाभ उठाएं. साथ ही सीएम ने उद्योगों और किसानों से इस योजना में सक्रिय भागीदारी की अपील की है.
‘किसान और उद्योगों को मिलेगी आर्थिक मदद’
पंजाब सरकार के प्रवक्ता तरनप्रीत सोंद ने कहा, ‘ये कदम न केवल पर्यावरण को साफ रखने की दिशा में है, बल्कि इससे राज्य के उद्योग और किसान दोनों को जबरदस्त आर्थिक मदद मिलेगी.’
पंजाब सरकार ने उद्योगों को पराली-आधारित बॉयलर स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नई कैपिटल सब्सिडी योजना लागू की है. इस योजना के तहत प्रति 8 TPH (टन प्रति घंटा) बॉयलर के लिए एक करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी. ये सब्सिडी उद्योगों को तेल, कोयला, या अन्य बायोमास पर निर्भरता कम करने और पराली जैसे नवीकरणीय ईंधन की ओर बढ़ने में मदद करेगी. सरकार ने उद्योगों से अपील की है कि वे इस योजना का तुरंत लाभ उठाएं और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें.
