स्वतंत्र बोल
रायपुर 19 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन किया। मंदिर दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व सीएम ने प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। बघेल ने सीजीपीएससी (CGPSC) भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, लगातार बिजली कटौती, बदहाल सड़कों और बढ़ती महंगाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि जब भर्ती परीक्षाओं में लगातार गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं, तो सरकार आखिर जांच कराने से पीछे क्यों हट रही है?
CGPSC में गड़बड़ी और सत्ता विरोधी लहर का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीजीपीएससी परीक्षा के कथित गलत उत्तरों और चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती में कोई भी धांधली या गड़बड़ी हुई है, तो सरकार को तुरंत निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। बघेल ने दावा किया कि पूरे प्रदेश में इस समय साय सरकार के खिलाफ प्रचंड सत्ता विरोधी लहर चल रही है, और यदि आज राज्य में चुनाव हो जाएं, तो सत्ताधारी विधायक अपनी सीटें गंवाने की स्थिति में होंगे।
डिप्टी सीएम के गिरने का जिक्र, महंगाई और बिजली संकट पर घेरा
प्रदेश में जर्जर सड़कों की स्थिति पर चुटकी लेते हुए बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सड़कें इतनी खराब हो चुकी हैं कि खुद उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी स्कूटी से गिरकर घायल हो गए। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में बिजली कटौती, बस किराया, पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और राशन की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार की घेराबंदी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एग्रीस्टैक और सर्वर की समस्याओं के कारण किसान बेहद परेशान हैं, जबकि सरकार जनता की सुध लेने के बजाय उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है।
मोहन भागवत दौरे, राहुल गांधी के प्रदर्शन और चुनाव आयोग पर टिप्पणी
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संभावित दौरे पर उन्होंने बजरंग दल की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए और मंत्रिमंडल पुनर्गठन पर तंज कसते हुए मंत्रियों की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया। दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए बघेल ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया रद्द करने, बैलेट पेपर से निष्पक्ष चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और आम जनता ट्रेनों के लगातार रद्द होने से त्रस्त हो चुकी है।


