स्वतंत्र बोल
रायपुर 04 अप्रैल 2026. भिलाई के यस बैंक हवालाकांड में शामिल हितेश चौबे पर साल 2020 में भी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने अपराध दर्ज किया था। पुलिस एफआईआर अनुसार हितेश चौबे की फर्म होप इंटरप्राइज़ेश को पाठय पुस्तक निगम के तत्कालीन महाप्रबंधक ने करोडो रुपये का टेंडर नियमो का उल्लंघन कर दिया था, जिस पर ईओडब्ल्यू ने साल 2020 में हितेश चौबे, पाठय पुस्तक के कर्मचारी बृजेश तिवारी और तत्कालीन महाप्रबंधक पर धारा 120 बी, 420, 467, 468, 471 एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
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हितेश को बचाया, महाप्रबंधक गिरफ्तार-
इस एफआईआर और कथित घोटाले के अपनी कहानी है। जांच एजेंसी ने पाठय पुस्तक निगम के तत्कालीन एमडी के घर छापेमारी कर घंटो जाँच, उनके घर पर पुलिस का पहरा लगाया और कुछ महीनो बाद आँध्रप्रदेश से गिरफ्तार भी कर लिया। इस मांमले में आरोपित रहे होप इंटरप्राइज़ेश के संचालक हितेश कुमार चौबे पर जाँच एजेंसी मेहरबान रही। उसके घर और दफ्तर में ना कोई छापेमारी हुई ना ही हितेश की गिरफ्तारी.. उल्टे हितेश को करोडो रुपये का काम और मिलने लगा था। विश्वसनीय सूत्र बताते है कि हितेश चौबे ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के करीबी लोगो का साथ दिया था, जिसके बदले में उसे अभयदान दिया गया और भिलाई के यस बैंक हवालाकांड में पुलिस ने उसके पक्ष में कड़ी रही। खुर्सीपार थाना में गैर जमानती धाराओं में दर्ज हुए अपराध पर भी कभी गिरफ्तारी नहीं की, उल्टे पुलिस फरार बताती रही।

काले रंग की कारो का काफ़िला-
स्वतंत्र बोल की पड़ताल में पता चला कि अनिमेष के यस बैंक के खाते में करोडो रुपये जमा करने वालो में भिलाई के ठेकेदार, भिलाई निगम काम करने वाले सप्लायर, बीएसपी अफसर और राजनीती से जुड़े लोग थे। तत्कालीन में ऐसे 37 से अधिक लोगो का नाम शॉर्टलिस्ट किया था। रिपोर्ट अनुसार अनिमेष के यस बैंक के खाते से ही दर्जन भर से अधिक कार ख़रीदे गए थे, भिलाई में काले रंग की एक ही सीरीज की कई गाड़ियां फर्राटा भर रही थी। अनिमेष के खाते से 58 लाख रुपये मर्सिडीज खरीदने में भुगतान किया गया था।
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