स्वतंत्र बोल
रायपुर 12 अगस्त 2015: आगामी 23, 24 अगस्त को होने वाले बुनकर प्रकोष्ठ के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर आज राजधानी रायपुर के वृन्दावन होटल में देश के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन सहकार भारती द्वारा प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेसवार्ता में सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर उदय जोशी द्वारा आगामी दिनों में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर जानकारी साझा की गई। ये राष्ट्रीय अधिवेशन जैनम मानस भवन में आयोजित होगा जहाँ देशभर के करीब 1000 प्रकोष्ठ प्रमुख के आने की संभावना है।
बुनकर प्रकोष्ठ का प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन
देशभर के बुनकरों का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 24 अगस्त से राजधानी में होगा। जिसमें बुनकर आयोग के गठन का प्रस्ताव पास करके केंद्र को भेजा जाएगा। अधिवेशन में बुनकरों के लिए बेहतर अवसर, चुनौतियों और समस्याओं पर बातचीत होगी। साथ ही विशेषज्ञ समस्याओं के समाधान के उपायों और नवाचारों की चर्चा करेंगे। सहकार भारती का बुनकर प्रकोष्ठ इस राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन कर रहा है।
बुनकर प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रमुख कहते हैं, भारत में लाखों परिवार इस व्यवसाय से जुड़े हैं। बुनकर उद्योग के लिए बाजार का अभाव, आधुनिक तकनीक की जानकारी न होने और पूंजी की कमी जैसी समस्याओं के चलते देश के बुनकर आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं।
हस्तकरघा उद्योग की स्थिति में सुधार किए बिना बुनकरों का भला संभव नहीं है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर बुनकर आयोग का गठन अनिवार्य हो गया है। अधिवेशन में बुनकरों के सामने की चुनौतियों और समस्याओं पर बातचीत होगी।

बुनकर प्रकोष्ठ देश के 28 राज्यों के 650 जिलों में कर रहा काम
सहकार भारती का बुनकर प्रकोष्ठ अब तक 28 प्रांतों के 650 जिलों में काम कर रहे हैं। भौगोलिक विस्तार के साथ ही कार्य विस्तार किया जा रहा है। प्रकोष्ठों को सक्रिय और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सम्मेलन व अधिवेशन किए जा रहे हैं। दो सालों में पुणे में आईटी प्रकोष्ठ अधिवेशन, नवी मुंबई में मत्स्य प्रकोष्ठ अधिवेशन, दिल्ली में क्रेडिट सोसायटी अधिवेशन, हैदराबाद में राष्ट्रीय महिला अधिवेशन, हुबली में पैक्स प्रकोष्ठ अधिवेशन मुंबई में गृह निर्माण संस्था प्रकोष्ठ अधिवेशन, पटना में ईपीओ प्रकोष्ठ और आणंद में डेयरी प्रकोष्ठ में अधिवेशन हो चुका है।
वोकल फॉर लोकल
इस राष्ट्रीय अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य लोकल स्तर के बुनकरों की स्तिथि को सुधारना है।


