स्वतंत्र बोल
डोंगरगढ़,30 अप्रैल 2026:छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में देर रात एक ऐसा खुलासा हुआ, जिसने अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की परतें खोलकर रख दीं। आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम कातलवाही में दबिश देकर न केवल भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की, बल्कि एक संगठित री-पैकिंग रैकेट का भी पर्दाफाश किया।
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गुप्त सूचना पर रातभर चली कार्रवाई
प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में टीम ने बिना सर्च वारंट के भिखारी निषाद के बाड़ी स्थित मकान पर छापा मारा। देर शाम शुरू हुई यह कार्रवाई रात करीब 11 बजे तक चली। नाले के किनारे बने इस ठिकाने पर अवैध भंडारण और शराब की हेराफेरी का बड़ा खेल चल रहा था।
243 लीटर अवैध शराब जब्त
तलाशी के दौरान कुल 243 बल्क लीटर अवैध व्हिस्की बरामद की गई। इसमें 264 बोतल 750 एमएल बॉम्बे व्हिस्की और 250 पाव 180 एमएल गोवा व्हिस्की शामिल हैं। इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी ने पूरे नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
री-पैकिंग का संगठित रैकेट उजागर
कार्रवाई के दौरान सिर्फ शराब ही नहीं, बल्कि नकली पैकेजिंग का पूरा सिस्टम भी सामने आया। मौके से 200 खाली बोतलें जिन पर मध्य प्रदेश का लेबल लगा था, 500 खाली पाव जिन पर छत्तीसगढ़ का लेबल था, 220 टूटे ढक्कन और 715 साबुत ढक्कन बरामद किए गए। इससे साफ हो गया कि यहां बाहर की शराब को नए लेबल में भरकर स्थानीय बाजार में खपाया जा रहा था।
मुख्य आरोपी मौके से फरार
छापेमारी के दौरान इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड चंद्रकांत सेन उर्फ सोनू फरार हो गया। आबकारी विभाग ने उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2), 36 और 59(क) के तहत गैर-जमानती अपराध दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
पहले भी मिल चुके हैं ऐसे सुराग
डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं, जहां टैंकर, रैपर और पैकिंग सामग्री तक जब्त की गई थी। इसके बावजूद इस नेटवर्क के सरगना तक पहुंच पाना अब तक चुनौती बना हुआ है।
इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अवैध शराब का कारोबार सिर्फ चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से बड़े स्तर पर चल रहा है और इसके तार कहीं न कहीं और भी गहराई तक जुड़े हो सकते हैं।
