भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का स्क्वीज टेस्ट अंतिम चरण में, जानें कब चलेगी

Bullet train track

स्वतंत्र बोल
रायपुर 2 नवंबर 2026:
भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन ‘भारत 28’ (B-28) अब सुरक्षा परीक्षण के अहम चरण में पहुंच गई है। बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) में इसका प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है। पहले कोच का स्क्वीज टेस्ट अंतिम चरण में है और अगले हफ्ते तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रेन में प्रोपल्शन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाए जाएंगे। रेलवे का लक्ष्य अगस्त 2027 से इसका व्यावसायिक संचालन शुरू करने का है।

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 नवंबर को बेंगलुरु में BEML की आदित्य मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्वदेशी बुलेट ट्रेन के निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पहले कोच की इंटीग्रेटेड कार बॉडी का स्क्वीज टेस्ट अपने अंतिम चरण में है।

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क्या होता है स्क्वीज टेस्ट?

स्क्वीज टेस्ट के जरिए ट्रेन की बॉडी की मजबूती जांची जाती है। इसमें देखा जाता है कि बाहरी दबाव और भारी ताकत पड़ने पर ट्रेन का ढांचा कितना मजबूत रहता है और उसमें कोई बड़ी संरचनात्मक खराबी तो नहीं आती।

यह परीक्षण पूरा होने के बाद इंजीनियर ट्रेन में प्रोपल्शन सिस्टम और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाएंगे। इसके बाद कोच का क्लाइमेटिक टेस्ट होगा। इसमें ट्रेन को 50 डिग्री सेल्सियस तक की गर्मी, अत्यधिक ठंड, धूल भरे वातावरण और भारी बारिश जैसी परिस्थितियों में परखा जाएगा।

BEML में पहली दो स्वदेशी बुलेट ट्रेनें तैयार की जा रही हैं। दोनों ट्रेनसेट में आठ-आठ कोच होंगे।

8 कोच में 557 यात्री कर सकेंगे सफर

‘भारत 28’ ट्रेनसेट की लंबाई करीब 202 मीटर होगी। इसमें कुल आठ कोच होंगे। इनमें चार मोटर कार और चार ट्रेलर कार शामिल हैं। ट्रेन की अधिकतम टेस्ट स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जबकि इसकी परिचालन गति 249 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

ट्रेन में सात स्टैंडर्ड क्लास और एक एग्जीक्यूटिव क्लास कोच होगा। स्टैंडर्ड क्लास में 3×2 और एग्जीक्यूटिव क्लास में 2×2 सीटिंग व्यवस्था रहेगी। पूरी ट्रेन में 557 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें कम चलने-फिरने की क्षमता वाले दो यात्रियों के लिए भी विशेष जगह बनाई जाएगी।

ट्रेन के दोनों सिरों पर ड्राइवर कैब होंगे। इनमें इंटेलिजेंट ऑनबोर्ड कंट्रोल सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम ड्राइवर को फैसले लेने और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर के साथ तालमेल बनाने में मदद करेगा।

जरूरत पड़ने पर आठ-आठ कोच वाली दो ट्रेनों को जोड़कर 16 कोच का ट्रेनसेट भी बनाया जा सकेगा। इससे यात्रियों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट और बड़ी खिड़कियां

भारत 28 के इंटीरियर को भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसमें आरामदायक सीटों के साथ पैरों के लिए पर्याप्त जगह और हर पंक्ति के पास बड़ी खिड़कियां होंगी।

यात्रियों को ये सुविधाएं मिलेंगी

  • हर यात्री के लिए अलग पावर आउटलेट और चार्जिंग पॉइंट।

  • वाई-फाई आधारित इंफोटेनमेंट सिस्टम।

  • सामान रखने के लिए ऊपर रैक और बड़े सामान के लिए अलग स्टैंड।

  • LED लाइटिंग और LCD डिस्प्ले।

  • हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में यात्रा संबंधी जानकारी।

  • ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट और पब्लिक एड्रेस सिस्टम।

  • आपात स्थिति में ट्रेन स्टाफ से संपर्क करने के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट।

  • बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट और HVAC सिस्टम।

HVAC सिस्टम के जरिए पूरे साल कोच के अंदर आरामदायक तापमान और नमी बनाए रखने की व्यवस्था होगी।

दिव्यांग यात्रियों के लिए भी होंगी विशेष सुविधाएं

ट्रेन में दिव्यांग और चलने-फिरने में परेशानी महसूस करने वाले यात्रियों के लिए भी खास इंतजाम किए जाएंगे। इसका फर्श प्लेटफॉर्म की ऊंचाई के बराबर होगा, जिससे ट्रेन में चढ़ने और उतरने में आसानी होगी।

दरवाजों पर जरूरत के मुताबिक बाहर निकलने वाले पायदान होंगे। इससे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच का गैप कम होगा। इसके अलावा व्हीलचेयर के अनुकूल दरवाजे, विशेष सीटें और दिव्यांगों के अनुकूल टॉयलेट बनाए जाएंगे। दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए ब्रेल लिपि वाले सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

रीजेनरेटिव ब्रेकिंग से बचेगी बिजली

भारत 28 बुलेट ट्रेन 25 kV AC ओवरहेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम से चलेगी। इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा। इस तकनीक में ट्रेन की गति कम करते समय पैदा होने वाली ऊर्जा को दोबारा इलेक्ट्रिकल ग्रिड में भेजा जाता है। इससे बिजली की खपत कम करने में मदद मिलेगी।