गौरीनगर गौहत्या मामले में 14 आरोपी जेल में, अब अधिवक्ता संघ ने क्या फैसला लिया?

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स्वतंत्र बोल
राजनांदगांव 26 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में गौरीनगर में गौहत्या और मांस बिक्री के मामले में जिला अधिवक्ता संघ ने आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला लिया है। संघ की कार्यकारिणी समिति ने 24 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में प्रस्ताव पारित किया। इसके तहत संघ का कोई भी सदस्य इस मामले में आरोपियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी तरह का सहयोग नहीं देगा। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नारायण कन्नौजे और सचिव संतोष रजक ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया। संघ की ओर से इस संबंध में लिखित पत्र भी जारी किया गया है।

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गौरीनगर मामले में 14 आरोपी जेल भेजे गए

गौरीनगर में गौहत्या कर मांस बेचने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों को जेल भेज दिया है। घटना के बाद शहर में नाराजगी देखी गई। हिंदू संगठनों, बजरंग दल और सर्व समाज ने घटना की निंदा की। इन संगठनों की ओर से आरोपियों को फांसी देने की मांग भी की गई।

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मांस बिक्री के लिए अलग जगह तय करने की मांग

घटना के बाद शहर में मांस बेचने वालों के लिए शहर से अलग किसी निश्चित स्थान पर जगह उपलब्ध कराने की मांग भी उठी है। इस मामले को लेकर जिला अधिवक्ता संघ ने अपने सदस्यों के लिए आरोपियों को कानूनी सहयोग नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया है।