छत्तीसगढ़ में 38 विभागों की सेवाएं ऑनलाइन, सेवा सेतु में क्या-क्या मिलेगा?

Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai File Photo

स्वतंत्र बोल
रायपुर 23 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए राज्य सरकार ‘सेवा सेतु’ का संचालन कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत प्रदेश के 38 विभागों की 939 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए 16,773 सेवा केंद्रों का नेटवर्क तैयार किया गया है। अब तक ऑनलाइन प्राप्त 55,13,672 आवेदनों पर कार्रवाई जारी है।

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सेवा सेतु पर कौन-कौन सी सेवाएं उपलब्ध हैं?

सेवा सेतु के माध्यम से नागरिक कई जरूरी सरकारी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इनमें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन और गुमास्ता लाइसेंस जैसी सेवाएं शामिल हैं। एक ही मंच पर अलग-अलग सेवाओं की सुविधा मिलने से आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने और कार्यालयों के चक्कर कम करने का प्रयास किया जा रहा है। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों और दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में सरकारी काम के लिए लोगों को कई बार लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सेवा केंद्रों के जरिए उन्हें आवेदन करने में मदद मिल सकती है।

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55 लाख से ज्यादा आवेदनों पर कार्रवाई जारी

सेवा सेतु के जरिए अब तक ऑनलाइन प्राप्त 55 लाख 13 हजार 672 आवेदनों पर कार्रवाई जारी है। इस व्यवस्था में 21,582 अधिकारी-कर्मचारी भी ऑनबोर्ड हैं, जो सेवाओं के संचालन में भूमिका निभा रहे हैं। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आवेदनों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उनकी स्थिति पर नजर रखने में मदद मिलती है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं के वितरण को व्यवस्थित करना और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

सेवा केंद्रों से भी मिलेगी मदद

सेवा सेतु केवल ऑनलाइन आवेदन तक सीमित नहीं है। इसके सेवा केंद्र उन नागरिकों के लिए भी मददगार हो सकते हैं, जिन्हें डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या आवेदन करने के लिए मार्गदर्शन चाहिए। इस तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सेवा केंद्रों के नेटवर्क के जरिए सरकारी सेवाओं को अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नागरिकों को सेवाओं तक आसान पहुंच देना है। इसके लिए आवेदनों का समय पर निराकरण और डिजिटल सेवाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी महत्वपूर्ण होगा।