स्मृति ईरानी के दौरे में किन मुद्दों पर होगी चर्चा? BJP ने बनाई तैयारी

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 18 अक्टूबर 2026:
छत्तीसगढ़ भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर को सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के साथ रायपुर पहुंचेंगी। वह दो दिन तक प्रदेश में रहकर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगी। इस दौरान रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार बैठकें होंगी। इनमें 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठन को मजबूत करने और नेताओं की जिम्मेदारियां तय करने पर चर्चा होगी।

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मुख्यमंत्री से लेकर सांसद-विधायकों तक के साथ बैठक

दौरे के दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और अन्य संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा समेत प्रदेश के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ चर्चा की जाएगी।

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बैठकों में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के अलावा संभाग और जिला प्रभारी, सह प्रभारी, जिलाध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष और प्रकोष्ठों के संयोजक भी शामिल होंगे। संगठन के कामकाज और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। प्रदेश भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक भी प्रस्तावित है।

पुराने नेताओं की भूमिका पर भी चर्चा

स्मृति ईरानी के दौरे में उन वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से बातचीत की भी योजना है, जिनके पास फिलहाल संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है। उनके साथ वन-टू-वन चर्चा कर संगठन में उनकी भूमिका और अनुभव को लेकर विचार-विमर्श हो सकता है।

आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर रहेगा। वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां देने और उनकी भूमिका तय करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, किस नेता को क्या जिम्मेदारी मिलेगी, इस बारे में अभी कोई निर्णय घोषित नहीं किया गया है।

करीब आठ महीने बाद मिला नया प्रदेश प्रभारी

छत्तीसगढ़ भाजपा को करीब आठ महीने बाद नया प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी मिला है। स्मृति ईरानी की नियुक्ति के बाद से ही उनके प्रदेश दौरे का इंतजार था। अब कार्यक्रम तय होने के बाद प्रदेश संगठन ने स्वागत और बैठकों की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

25 अक्टूबर की सुबह रायपुर पहुंचने पर विमानतल पर उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला शुरू होगा। दो दिवसीय दौरे में होने वाली चर्चाओं का केंद्र संगठन की समीक्षा और 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी रहेगी।