स्वतंत्र बोल
कोरबा 12 अक्टूबर 2026: कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के चर्चित दुष्कर्म मामले में पुलिस की निगरानी पर सवाल उठे हैं। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोपी पवन महतो को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में मोबाइल पर बात करते और गुटखा खाते देखा गया। आरोपी की निगरानी के लिए दो आरक्षक तैनात थे। मामले में CSP प्रतीक चतुर्वेदी ने आरक्षियों की लापरवाही की जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण का आरोप
पवन महतो के अडानी पावर प्लांट में काम करने की बात कही जा रही है। उस पर एक विधवा महिला को शादी का झांसा देकर लगातार दैहिक शोषण करने का आरोप है। इस मामले में 8 अक्टूबर को FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।
तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती
आरोपी को मेडिकल लीगल केस (MLC) की प्रक्रिया के दौरान तबीयत खराब होने की बात कहने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के मुताबिक, उसे जनरल वार्ड के बजाय स्पेशल वार्ड में रखा गया है। वहां वह मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था और गुटखा खाते मिला। इस दौरान आरोपी की निगरानी के लिए दो आरक्षक तैनात थे। इसके बावजूद अस्पताल में उसे मिली सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
CSP बोले- डिस्चार्ज होते ही होगी वैधानिक कार्रवाई
CSP प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि आरोपी तकनीकी रूप से गिरफ्तार नहीं था। उसके भागने की आशंका के चलते आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई थी। तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। CSP के मुताबिक, अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरक्षियों की लापरवाही के आरोपों की SP स्तर पर जांच होगी और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


