Guru Nakshatra Gochar: 8 अक्टूबर को बदलने जा रही गुरु की चाल, 3 राशियों के लिए अलर्ट

Untitled

स्वतंत्र बोल
धर्म डेस्क 5 अक्टूबर 2026 :
ज्योतिष शास्त्र में ज्ञान, शिक्षा, भाग्य और विस्तार के कारक माने जाने वाले गुरु बृहस्पति 8 अक्टूबर 2026 को अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। वर्तमान में कर्क राशि में स्थित गुरु का यह नक्षत्र चरण परिवर्तन कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, गुरु 19 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक अश्लेषा नक्षत्र में ही रहेंगे, लेकिन 8 अक्टूबर को होने वाला चरण बदलाव विशेष रूप से तीन राशियों के लिए सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।

ad

मिथुन राशि: मानसिक उलझन और कार्यक्षेत्र का दबाव

मिथुन राशि के जातकों के लिए अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में गुरु का प्रवेश मानसिक असमंजस बढ़ा सकता है। इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को लेकर बार-बार विचार बदलने या निर्णय लेने में परेशानी आ सकती है। नौकरीपेशा लोगों पर दफ्तर में जिम्मेदारियां बढ़ने से काम का दबाव अधिक रहेगा। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी या भावनाओं में बहकर कोई भी फैसला लेने से बचना होगा।

youtube

सिंह राशि: योजनाओं में देरी और व्यावसायिक सतर्कता

सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में अपने कामकाज और निवेश को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बनाई गई योजनाएं अपेक्षा के मुताबिक समय पर पूरी होने में देरी हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलने से तनाव का सामना करना पड़ सकता है। कारोबारियों के लिए सलाह है कि किसी भी नए निवेश, बड़े लेनदेन या साझेदारी से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।

धनु राशि: खर्च और निवेश में संतुलन की जरूरत

धनु राशि वालों के लिए गुरु का यह चरण परिवर्तन काम में अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति पैदा कर सकता है। दफ्तर में छोटी सी लापरवाही भी काम का बोझ बढ़ा सकती है, इसलिए जिम्मेदारियों को व्यवस्थित रूप से पूरा करना बेहतर रहेगा। व्यापारियों को बड़े सौदों में जल्दबाजी से बचना चाहिए और अपने खर्च तथा निवेश के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।

कब तक रहेगा अश्लेषा नक्षत्र का प्रभाव?

गुरु बृहस्पति ने 19 अगस्त 2026 को अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश किया था और वह 31 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। 8 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में रहते हुए गुरु मिथुन, सिंह और धनु राशि के जातकों को अपने करियर, आर्थिक निर्णयों और दैनिक कार्ययोजनाओं में संयम व सावधानी बरतने का संकेत दे रहे हैं।